मनी लॉन्‍डरिंग मामले में लालू की बेटी के बाद अब उनके दामाद पर पड़ा ‘ईडी’ का शिकंजा

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नई दिल्ली। मनी लॉन्ड्रिंग केस में बुधवार को एनफोर्समेंट डायरेक्‍ट्रेट (ईडी) ने लालू प्रसाद यादव के दामाद शैलेष कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया। ये पूछताछ 8,000 करोड़ रुपये के धनशोधन के मामले में की गई है। एजेंसी द्वारा समन जारी करने के बाद शैलेष बुधवार सुबह 10 बजे के आसपास खान मार्केट स्थित ईडी के मुख्यालय पहुंचे।

मनी लॉन्ड्रिंग केस

ईडी ने मीसा भारती से नौ घंटे से अधिक समय तक गहन पूछताछ की

ईडी ने सोमवार को भी उनके खिलाफ समन जारी किया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे। ईडी ने मंगलवार को मीसा भारती से नौ घंटे से अधिक समय तक गहन पूछताछ की। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, मीसा भारती से मिशेल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड में उनकी भूमिका, उनकी अन्य वित्तीय संपत्तियों तथा गिरफ्तार चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश कुमार अग्रवाल से उनके संबंधों को लेकर पूछताछ की गई।

ईडी की गिरफ्त में आए एक सीए से उनके संबंधों के बारे में पूछताछ की जाएगी

सूत्रों ने बताया कि शैलेश से मेसर्स मिशैल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राईवेट लिमिटेड नाम की एक कंपनी और दूसरे वित्तीय मामले में उनकी भूमिका और ईडी की गिरफ्त में आए एक सीए से उनके संबंधों के बारे में पूछताछ की जाएगी। ईडी ने इस मामले में 8 जुलाई को मीसा और उनके पति शैलेश कुमार के दिल्ली स्थित तीन फॉर्म हाउसों और कंपनी की तलाशी ली थी। भ्रष्टाचार के एक मामले की जांच के तहत सीबीआई ने आरजेडी प्रमुख लालू और उनके परिवार के कई ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके एक दिन के बाद ईडी ने 8 जुलाई को छापा मारा था।

अग्रवाल को ईडी ने 22 मई को गिरफ्तार किया था

अग्रवाल को ईडी ने 22 मई को गिरफ्तार किया था। एजेंसी ने कहा कि अधिकारियों ने मीसा भारती से 8,000 करोड़ रुपये के धनशोधन की जांच के तहत पूछताछ की। ईडी ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि साल 2007-2008 के दौरान मिशेल प्रिंटर्स एंड पैकर्स प्राइवेट लिमिटेड के 1,20,000 शेयर चार फर्जी कंपनियों-शालिनी होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड, एड-फिन कैपिटल सर्विसेज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, मनी माला दिल्ली प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड तथा डायमंड विनिमय प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 100 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से खरीदे गए।

क्या है आरोप

ईडी ने यह छापेमारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा राजद अध्यक्ष, उनकी पत्नी राबड़ी देवी तथा दो बेटों तेजस्वी व तेज प्रताप यादव के कई परिसरों पर छापेमारी के बाद की है। आरोप है कि जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब एक निजी कंपनी को रेलवे के दो होटलों को ठेके पर देने के एवज में उन्होंने तीन एकड़ का प्लॉट लिया। आरोप है कि 2006 में, जब लालू रेलमंत्री थे, तब रांची और पुरी के टेंडर जारी करने में गड़बड़ी की गई।

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