डरी सहमी आठ साल की मासूम बोली -चार लोगों ने मेरे साथ गलत काम किया और तीस रुपये दिये

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बच्ची गोरखपुर चाइल्ड लाइन के संरक्षण में

गोरखपुर। महज 8 साल के मासूम बच्ची से ट्रेन में गैंगरेप का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बदहवास बच्ची सिर्फ इतना बता पा रही है कि उसके साथ ट्रेन में चार लोगों ने गलत काम किया और जाते समय 30 रुपये देकर चले गये। रेलवे स्टेशन पर चल रहे स्माइल रोटी कैंपेन के कार्यकर्ताओं ने इस बच्ची को गोरखपुर चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है। कैंपेन के लोगों ने सोशल मीडिया पर जब बच्ची की दर्दनाक कहानी डाला तो पूरा मामला वायरल हो गया। एक तरफ नौजवानों की टीम ने बच्ची के मदद के लिए आगे हाथ बढ़ाया तो दूसरी और जीआरपी के दारोगा ने नौजवानों को ही धमकी दिया है। फिलहाल बच्ची चाइल्डलाइन में है और इस मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।

स्माइल रोटी कैंपेन को मिली थी बच्ची

स्माइल रोटी कैंपेन के संयोजक आजाद पांडेय ने बताया कि कैंपेन के पहले ही यह बच्ची उनके पास आई थी। बच्ची की बातचीत से लग रहा है कि वह बिहार की रहने वाली है। वह पूरी घटना नहीं बता पा रही है लेकिन सिर्फ इतना कह पा रही है कि उसके साथ चार लोगों ने गलत काम किया है। कैंपेन से जुड़े अमित सिंह पटेल ने बताया कि प्रोसिजर की पूरी जानकारी न होने के कारण उन्होंने बच्ची को सीधे चाइल्ड लाइन में डालना उचित समझा। पूरे प्रकरण की जानकारी सोशल मीडिया पर डाला जाना जीआरपी को नागवार लग रहा है। रेलवे पुलिस अब कैंपेन से जुड़े लोगों को धमकी दे रही है।

बच्चों को स्माइल देता है यह कैंपेन

स्माइल रोटी कैंपेन के जरिए बेसहारा बच्चों को शिक्षा और रोटी दी जाती है। दो दर्जन से ज्याद नौजवान गोरखपुर रेलवे स्टेशन के सामने इस कैंपेन को चला रहे हैं। बच्चों को व्यायाम कराया जाता है और इसके बाद उन्हें खाना दिया जाता है। इस काम में शहर के कई सामाजिक लोगों से मदद ली जाती है।

जीआरपी के रवैये से डर

स्माइल रोटी कैंपेन से जुड़े लोग एक नेक काम के बावजूद जीआरपी के रवैये से भयभीत हैं। कैंपेन से जुड़े लोगों का कहना है कि हम रेलवे परिसर में एक नेक सामाजिक काम कर रहे हैंं। जीआरपी का रवैया ऐसा लग रहा है जैसे हमने कोई अपराध किया है।

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