ठगी का शिकार हुए बुजुर्ग, खाली हाथ दिल्ली से पैदल ही साहिबगंज का कर रहें हैं सफर, अभी तक चल चुके है 1200 किलोमीटर

नई दिल्ली: ज़िन्दगी में पैसा कितना जरूरी है ये न कहने की जरूरत है और न किसी से जानने की. इसी पैसे के लिए हम अपना दिन रात एक कर देते है. अपनों का ख्याल रखने के लिए अपनों से दूर हो जाते है. हर मुश्किल से मुश्किल काम करने के लिए भी तैयार हो जाते है, क्योंकि ये सवाल परिवार के पेट का है. लेकिन एक बुजुर्ग को परिवार के लिए अपना घर बार छोड़कर बाहर कमाने जाने का फैसला बहुत महंगा पड़ गया.

नौकरी के नाम पर बुजुर्ग के साथ ठगी

दरअसल साहिबगंज के बर्जोम बामडा पहाड़िया नाम के एक बुजुर्ग अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए नौकरी करने दिल्ली पहुंच गए. जो शख्स बुजुर्ग को दिल्ली में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ले गया था, उसने धोखाधड़ी की सारी हदें पार कर दी. इतना ही नहीं नौकरी दिलाने के नाम पर उसने बुजुर्ग से अच्छे खासे रुपये भी ऐंठ लिए.

पैदल ही तय किया 1200 किलोमीटर का सफर

इस धोखाधड़ी का नतीजा यह हुआ कि गरीब बुजुर्ग को दिल्ली से साहिबगंज तक रेलवे ट्रैक पकड़कर पैदल ही आना पड़ा. झारखंड के इस बुजुर्ग को बिचौलिया पहले बहला कर दिल्ली ले गया. उसके पास मौजूद पैसे छीनकर, बिचौलिया ने उन्हें सड़क पर छोड़ दिया. लिहाजा वह 1200 किलोमीटर का रेलवे ट्रैक पकड़कर पैदल ही धनबाद पहुंचे.

मदद के लिए आगे आये लोग

साहिबगंज जिले के ब्लॉक-पतना, पंचायत-तालजरी, आमडभीठा के रहने वाले बर्जोम बामडा पहाड़िया पिछले 4-5 महीनों से लंबी यात्रा कर रहे हैं. महुदा पहुंचने पर रोटी बैंक के सदस्यों ने उसके खाने पीने का इंतजाम किया और अब इन लोगों ने उन्हें घर पहुंचाने की ठानी है. रोटी बैंक के सदस्य ने कहा कि इन्हें बस के माध्यम से घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है.

डीआरएम आशीष बंसल ने कहा कि समाचार पत्रों से जानकारी मिली है कि दिल्ली से ट्रैक पर चलते हुए  एक व्यक्ति धनबाद पहुंच गया है. रेलवे से संबंधित किसी भी सदस्य को शख्स के बारे में पता नहीं चल पाया, यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है. कोशिश की जा रही है.

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