विवेक की “पीएम मोदी” फ़िल्म के लिए चुनाव आयोग और कोर्ट बांधा नहीं, कुछ और है वजह…..

बीते कई दिनों से चर्चित फिल्म ‘पीएम नरेंद्र मोदी’ एक बार फिर चर्चा में है. पीएम मोदी के राजनीतिक जीवन से प्रभावित यह फिल्म 39 दिनों में पूरी कर ली गई थी. 5 अप्रैल को रिलीज भी किया जाना था, लेकिन दो दिन पहले ही दूसरी बार फिल्म की रिलीज डेट बदल दी गई है. रिलीज डेट बदले जाने के अघोषित कारण के खुलासे का दावा, एक रिपोर्ट ने किया है.

सेंसर बोर्ड की ओर से फिल्म को लिखित रूप से अनुमति नहीं मिल पाया था, ऐसा दावा सेट के एक स्पॉटबॉय ने किया है. इस वजह से फिल्म की रिलीज डेट एक हफ्ते आगे खिसकानी पड़ी. रिपोर्ट के मुताबिक, निर्माताओं ने सेंसर से सुझाए 4 कट के साथ फिल्म सबमिट कर दी थी. लेकिन अब तक फिल्म को सेंसर से सर्टिफिकेट नहीं मिला है. इस बारे में मेकर्स ने CBFC के रीजनल ऑफिसर तुषार कर्माकर को कई फोन कॉल्स और मैसेज भी किए, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया.

स्पॉटबॉय से बातचीत में फिल्म से जुड़े करीबी सूत्र ने कहा, “इस समय मैं कुछ नहीं जानता. मैं आपको क्या बताऊं.” वहीं दूसरे सूत्र का कहना था, “उन्हें भी नहीं पता कि फिल्म तय डेट पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी या नहीं.”

रिपोर्ट के मुताबिक़ निर्माताओं को सेंसर की ओर से मौखिक रूप से जवाब मिल गया था. लेकिन बुधवार तक सर्टिफिकेशन को लेकर कोई लिखित जवाब नहीं आने की वजह से निर्माताओं को रिलीज डेट आगे खिसकानी पड़ी. बता दें कि ये दूसरा मौका है जब पीएम नरेंद्र मोदी की रिलीज डेट बदली गई. पहले इसे लोकसभा चुनाव के पहले फेज की वोटिंग के बाद 12 अप्रैल को रिलीज किया जाना था. हालांकि बाद में रिलीज डेट वोटिंग से पहले 5 अप्रैल की फिक्स कर दी गई. अब सेंसर की अड़चन की वजह से फिर से पुरानी डेट (12 अप्रैल) पर फिल्म रिलीज करने की तैयारी है.

इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी में प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका निभा रहे विवेक ओबेरॉय ने आज तक/इंडिया टुडे से बातचीत में कहा था, “जब चुनाव आयोग को कोर्ट को, मूवी से आपत्ति नहीं है फिर मेरी फिल्म का क्यों विरोध किया जा रहा है.” बताते चलें कि कांग्रेस, डीएमके और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना समेत कुछ विपक्षी पार्टियां चुनाव से पहले फिल्म की रिलीज पर आपत्ति जता रहे हैं. दिल्ली और बॉम्बे हाईकोर्ट ने फिल्म की रिलीज को रोकने की याचिका को खारिज कर दिया है. वहीं मूवी पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी विशेष याचिका दायर की गई है.

फिल्म का निर्देशन ओमंग कुमार कर रहे हैं. जबकि इसके निर्माताओं में संदीप सिंह और सुरेश ओबेरॉय शामिल हैं.

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