चुनाव फ़तेह, अब सीएम पद की दौड़ का संघर्ष

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद कांग्रेस की छाती गर्व से फूली नहीं समा रही है. जहां छत्तीसगढ़ में चौथी बार सरकार बनाने का ख्वाब देख रही भाजपा को जनता ने नकार दिया है वहीँ मध्य प्रदेश में भी जीत के लिए कोशिश में लगी भाजपा को कांग्रेस ने मात दे दी है. मध्यप्रदेश के अलावा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी कांग्रेस ने सरकार बनाई. इन राज्यों में भाजपा को पटखनी देने के लिए कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने कड़ी म्हणत की है. चुनावों में जीत के लिए मेहनत के बाद अब मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए संघर्ष चल रहा है.

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छत्तीसगढ़ में भाजपा का सूपड़ा साफ़ करने वाली कांग्रेस ने सीएम उम्मीदवार के रूप में भूपेश बाघेल का नाम सामने किया है. वहीँ राजस्थान में कांग्रेस ने सीएम पद के लिए दो दिग्गज नेताओं का नाम सामने आया है. पहला नाम राजस्थान की सत्ता में दस साल राज करने वाले अशोक गहलोत का है और दूसरा राजस्थान के पीसीसी चीफ सचिन पायलट का है. ये वो दो नेता हैं जिनको कांग्रेस के जीत का श्रेय दिया जा रहा है. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम इसमें सबसे आगे हैं. वहीं, अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आती है तो कमलनाथ का नाम सबसे आगे है.

वहीं राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 199 विधानसभा सीटों में से 99 सीटों पर जीत दर्ज की है. भाजपा को 73 सीटें मिलीं है. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 6 सीटें झपटी हैं. वहीं 21 सीटों पर अन्‍य का कब्‍जा किया है. इन चुनावों में कांग्रेस बड़ी पार्टी बनकर सामने आई है. यहां अशोक गहलोत के सीएम बनने के आसार ज्यादा हैं. गहलोत कांग्रेस के लिए संकट मोचक हैं और अन्य दलों से उनका मैनेजमेंट भी अच्छा है. इसके पहले भी जब गहलोत मुख्यमंत्री थे, तो उन्हें पूर्ण बहुमत नहीं मिला था. 96 सीटों के साथ कांग्रेस सत्ता में आई थी और गहलोत ने सफलतापूर्वक पांच साल शासन किया था.

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