मप्र में चुनावी अखाड़ा हुआ तेज़- जनता को लुभाने के लिए बैलगाड़ी पर सवार हुए सिंधिया

भोपाल। इंदौर मुंगावली कोलारस उपचुनाव में सियासत के कई रंग देखने को मिल रहे है। उपचुनाव के प्रचार प्रसार में जिस तरह से कांग्रेस और भाजपा के दिग्गज ताकत दिखा रहे है उसे देखकर लग रहा है कि यह उपचुनाव नहीं बल्कि राज्य विधानसभा चुनाव हो। मुगांवली और कोलारस में सिर्फ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस सासंद ज्योतिरादित्य सिंधिया की ही बात सुनी जा रही है। सीएम शिवराज जहां अपने विजय रथ पर आरूढ़ होकर निकले तो उनके जवाब में ज्योतिरादित्य सिंधिया बैलगाड़ी पर सवार होकर जनता के बीच पहुंच रहे है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आमतौर पर दौरे के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इन उपचुनाव में मतदाताओं से सीधे संपर्क के लिए उन्होंने सुविधायुक्त रथ का सहारा लिया है। यह ऐसा रथ है, जिसमें एक लिफ्ट लगा हुआ है, जो ऊपर जाते ही मंच में बदल जाती है। सोमवार को चौहान ने मुंगावली में भाजपा उम्मीदवार बाई साहब के साथ जनदर्शन किया।

चौहान ने इस दौरान कहा, मुंगावली अन्य क्षेत्रों के मुकाबले विकास के मामले में पिछड़ गया है, उपचुनाव के जरिए यहां के लोगों को विकास से जुड़ने का मौका मिला है। भाजपा की प्राथमिकता मुंगावली का विकास है। इस क्षेत्र के विकास में पिछड़ने का मुख्य कारण कांग्रेस के क्षेत्रीय सांसद और विधायक हैं।

वहीं दूसरी ओर कांग्रेस सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बैलगाड़ी की सवारी की। उन्होंने मुंगावली क्षेत्र में बरखेड़ा डांग में सभास्थल तक जाने के लिए बैलगाड़ी का सहारा लिया।

सिंधिया ने आरोन गांव में सहरिया आदिवासियों के साथ रात को पंचायत भी की थी। इस मौके पर सिंधिया ने कहा था कि वह उनके परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा था कि आज वोट मांगने के लिए जिले ही नहीं, राज्य और देश भर के नेता यहां आ रहे हैं। जिन्होंने इस क्षेत्र के विकास के लिए एक कील तक नहीं दी, वे आज गली-गली घूमते नजर आ रहे हैं। हमने जो विकास कार्य किए हैं, वह सबके सामने हैं।

इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 24 फरवरी को मतदान होंगे और नतीजे 28 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इन दोनों स्थानों पर कांग्रेस विधायकों के निधन के कारण उपचुनाव हो रहा है।

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