चंबल को फिनलैंड घोषित किया गया तो यहा रोजगार के अवसर बढेंगे

चंबल
चंबल

लखनऊ:उत्तर प्रदेश में फिल्मसिटी के निर्माण के लिये जारी कवायद के बीच इटावा के बाशिंदो काे भरोसा है कि नैसर्गिक सुंदरता की पर्याय चंबल घाटी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फिल्मलैंड के सपने में चार चांद लगाने में मददगार साबित हो सकती हैं।

वैसे चंबल के बीहड़ मायानगरी के निर्माता निर्देशकों के लिये दशकों से आकर्षण का केन्द्र बने रहे है। कई नामी गिरामी फिल्मों की शूटिंग चंबल के दुर्दांत दस्यु सरगनाओ के जीवन पर फिल्माई जा चुकी है जबकि यहां की नैसर्गिक सुंदरता कश्मीर की वादियों को कई मायनों पर टक्कर देती है। इस लिहाज से चंबल फिल्मलैंड के लिए सबसे मुुफीद मानी जा रही है ।

फिल्म निर्माण से जुड़ी कई हस्तियाें का मानना है कि प्राकृतिक तौर पर बेहद आंनदमयी चंबल घाटी को फिल्मलैंड के रूप मे स्थापित कर फिल्मकारो के लिए एक नया रास्ता खोला जा सकता है ।

तेलंगाना के जानेमाने फिल्मकार,गजलकार डा.गजल श्रीनिवास का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आग्रह है कि अगर फिल्मसिटी चंबल घाटी मे बनाया जाता है तो फिल्मकारो को शूटिंग के लिहाज से बहुत ही अधिक फायदा होगा क्योंकि यहाॅ पर बहुत ही सुकुन है। लोकेशन बहुत ही शानदार है जो किसी भी फिल्म के लिए सबसे महत्वपूर्ण है ।

श्री निवास कहते हैं कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पांच नदियों के संगम स्थल पशनदा को पर्यटक स्थल बनाने का फैसला भी कर चुके है ऐसे में चम्बल को अगर फ़िल्मलैंड की ओर ले जाया जाता है तो निश्चित है यह कोशिश चंबल के लिहाज से बहुत ही सार्थक होगी।

 

ये भी पढ़े- देश में बनने वाली अधिकतर फिल्म चंबल से होकर गुजरती है

ये भी पढ़े- सरकार के मन में चोर नहीं तो सामने बात करने में क्यों हो रही परेशानी: कुमारी सैलजा

 

Related Articles

Back to top button