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सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच Encounter, बड़ी हमले की साजिश हुई नाकाम

जम्मू-कश्मीर में सोपोर पुलिस ने एक मुठभेड़ में अल-बदरे का प्रमुख गनी ख्वाजा को मार डाला

बारामूला: जम्मू-कश्मीर के बारामूला (Baramulla) जिले में  सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हुई मुठभेड़। जिसमें सुरक्षा बलों ने आतंकवादी संगठन अल-बदर के कमांडर को मारकर बड़ी सफलता हासिल की है। जिसके पास से हथियारों और गोला-बारूद सहित घटती सामग्री बरामद हुई है। आतंकियों के मौजूदगी की सूचना मिलने पर पुलिस ने बारामूला जिले के शेरपुरा में घेराबंदी की और तलाशी अभियान शुरू किया।

आतंकियों के छिपे होने की खबर

अल-बदर का कमांडर गनी ख्वाजा के मारे जाने पर कश्मीर (Kashmir) IGP विजय कुमार ने बताया कि सोपोर पुलिस (Sopore Police) को कुछ आतंकियों के छिपे होने की खबर मिली। पुलिस ने CRPF और सेना को सूचना दी और कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान घटना स्थल से 2 आतंकी भाग गए।

गनी ख्वाजा साल 2000 में आतंकी ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान (Pakistan) गया और 2002 में वापस आया। 2007 में पुलिस ने इसे आतंकी घटनाओं के लिए गिरफ्तार किया। 2008 में इसे रिहा किया गया। 5 अगस्त 2019 को इसने हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी संगठन को छोड़ा और अल-बदर आतंकी संगठन का कमांडर बन गया था।

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क्या है अल-बदर?

अल-बदर (Al-badr) कश्मीर क्षेत्र में सक्रिय एक इस्लामी आतंकवादी समूह है। इस समूह का गठन जून 1998 में कथित रूप से पाकिस्तानी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस द्वारा किया गया था।

यह माना जाता है कि समूह को आईएसआई (ISI) द्वारा अपने पिछले छत्र समूह, हिज्ब-उल-मुजाहिदीन (एचएम) से स्वतंत्र रूप से संचालित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया था। एचएम से समूह के अलग होने से पहले, उन्होंने 1990 में अफगानिस्तान में गुलबुद्दीन हिकमतयार के हिज्ब-एल-इस्लामी (एचआईजी) के साथ-साथ अन्य सोवियत-विरोधी अफगान मुजाहिद्दीन के पक्ष में लड़ाई में भाग लिया था। भारत और अमेरिका ने इसे एक आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और इस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

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