पंचांग 21 अगस्त 2018: मंगलवार को करें ये उपाय, शुभ रहेगा पूरा दिन

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21 अगस्त 2018 दिन मंगलावर को हिन्दू पंचांग के अनुसार कौन सा शुभ योग बन रहा है और क्या है राहुकाल। कब कब पड़ेगी चौघड़िया और किस समय कार्य करना रहेगा शुभ, जानिए आज के पंचांग में…

* पञ्चाङ्ग, मंगलवार, २१ अगस्त २०१८*

सूर्योदय: ०५:५७
सूर्यास्त: ०६:५२
चन्द्रोदय: १५:२१
चन्द्रास्त: २६:०१
अयन दक्षिणायन (उत्तरगोले)
ऋतु: वर्षा
शक सम्वत: १९४० (विलम्बी)
विक्रम सम्वत: २०७५ (विरोधकृत)
युगाब्द : ५१२०
मास : श्रावण
पक्ष: शुक्ल
तिथि: एकादशी (पूर्ण रात्रि)
नक्षत्र: मूल – २४:३५ तक
योग: विष्कुम्भ (१६:०३ तक)
प्रथम करण: वणिज
द्वितीय करण: विष्टि

*गोचर ग्रह*

सूर्य- सिंह
चंद्र- धनु
मंगल- मकर
बुध- कर्क (मार्गी)
गुरु- तुला
शुक्र- कन्या
शनि- धनु
राहु- कर्क
केतु- मकर

*उदय-लग्न मुहूर्त*

०५:५१ – ०७:५१ सिंह
०७:५१ – १०:०९ कन्या
१०:०९ – १२:३० तुला
१२:३० – १४:४९ वृश्चिक
१४:४९ – १६:५३ धनु
१६:५३ – १८:३४ मकर
१८:३४ – २०:०० कुम्भ
२०:०० – २१:२३ मीन
२१:२३ – २२:५७ मेष
२२:५७ – २४:५२ वृषभ
२४:५२ – २७:०७ मिथुन
२७:०७ – २९:२८ कर्क
२९:२८ – २९:५१ सिंह

*शुभाशुभ मुहूर्त विचार*

अभिजित मुहूर्त: ११:५३ – १२:४५
अमृत काल: १७:२४ – १९:११
होमाहुति: शनि
अग्निवास: पृथ्वी
भद्रावास: पाताल (१८:२६ से पूर्ण रात्रि)
दिशा शूल: उत्तर में
नक्षत्र शूल:
चन्द्र वास: पूर्व
दुर्मुहूर्त: ०८:२६ – ०९:१८
राहुकाल: १५:३४ – १७:११
राहु काल वास: पश्चिम
यमगण्ड: ०९:०५ – १०:४२

*चौघड़िया विचार*

॥दिन का चौघड़िया॥
१ – रोग २ – उद्वेग
३ – चर ४ – लाभ
५ – अमृत ६ – काल
७ – शुभ ८ – रोग
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ – काल २ – लाभ
३ – उद्वेग ४ – शुभ
५ – अमृत ६ – चर
७ – रोग ८ – काल
नोट– दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।

*तिथि विशेष*

भद्रावास: पाताल (१८:२६ से पूर्ण रात्रि) तक आदि।

*शुभ यात्रा दिशा*

उत्तर-पूर्व (दलिया अथवा धनिया का सेवन करे, यात्रा सफल रहेगी)

*आज जन्मे शिशुओं का नामकरण*

आज २९:५८ (अगले सूर्योदय) तक जन्मे शिशुओ का नाम मूल द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (यो, भ, भी) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।

मूल नक्षत्र के चारो चरण गंडमूल के अंतर्गत आते है इसके के द्वितीय पद में जन्म होने से माता के लिए अशुभ, तृतीय पद में संपत्ति की हानि तथा चतुर्थ पद में शांति कराई जाये तो शुभ फल फलदायी है जन्म से २७ वे जन्म नक्षत्र के दिन नक्षत्र शान्ति करना शास्त्र सम्मत है।

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