दुग्ध उत्पादकों को सही मूल्य दिलाने के लिए दुग्ध समितियों में डीपीएमसीयू की स्थापना

लखनऊ: प्रदेश के दुग्ध विकास विभाग दुग्ध समितियों से जुडे दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध की सही नाप-तौल तथा गुणवत्ता की पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादकों को दूध का सही मूल्य दिलाने के उददेश्य से 7,331 कार्यशील दुग्ध समितियों में डीपीएमसीयू (डेटा प्रोसेसिंग मिल्क कलेक्शन यूनिट) की स्थापना की जा रही है।

दुग्ध विकास विभाग द्वारा कार्य के अनुश्रवण हेतु वेब आधारित आनलाइन मानीटरिंग साफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है जिसके माध्यम से दुग्ध उत्पादकांे को सीधे उनके खातें में दुग्ध मूल्य भुगतान की व्यवस्था की गयी है।

दुग्ध विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में 6576 डीपीएमसीयू की स्थापना की जा चुकी है। दूध का प्राकृतिक स्वभाव बना रहने के दृष्टिगत 216 बल्क मिल्क कूलर (बीएमसी) की स्थापना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इस हेतु वांछित वित्तीय उपाशय की व्यवस्था रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलेपमेंट फण्ड (आर0आई0डी0 एफ0)/अवस्थापना विकास कोष (आई0डी0एफ) के अन्तर्गत की गयी है। बल्क मिल्क कूलर की स्थापना से दूध की कोल्डचेन मेन्टेन होगी तथा गुणवत्ता भी बनी रहेगी।

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