ईवीएम- VVPAT मिलान पर विपक्ष को बड़ा झटका, सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका खारिज

लोकसभा चुनाव के बीच मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर सुनवाई हुई. इस सुनवाई में विपक्ष के द्वारा दाखिल की गई पुनर्विचार याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया. बता दें कि इस याचिका को टीडीपी और कांग्रेस सहित 21 विपक्षी दलों ने सुप्रीम कोर्ट में दायर किया था. इन दलों की मांग थी कि 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों की ईवीएम से मिलान का आदेश चुनाव आयोग को दिया जाए.

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि अदालत इस मामले को बार-बार क्यों सुने. CJI ने कहा कि वह इस मामले में दखलअंदाजी नहीं करना चाहते हैं. मंगलवार की सुनवाई के समय आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, संजय सिंह, फारुख अब्दुल्ला, लेफ्ट नेता डी राजा मौजूद थे. विपक्ष की दलील थी कि इस तरह से देशभर में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित किया जा सकता है.
इन दलों के दाखिल की थी याचिका

सुप्रीम कोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर याचिका आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू (टीडीपी), शरद पवार (एनसीपी), फारूक अब्दुल्ला (एनसी), शरद यादव (एलजेडी), अरविंद केजरीवाल (आम आदमी पार्टी), अखिलेश यादव (एसपी), डेरेक ओ’ब्रायन (टीएमसी) और एम. के. स्टालिन (डीएमके) की ओर से दायर की गई है.

बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच बूथ के ईवीएम और वीवीपैट की पर्चियों के औचक मिलान करने को कहा था. जिसे आयोग ने मान लिया था. सुप्रीम कोर्ट ने इस लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया. कोर्ट ने कहा कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र मे 5 वीवीपैट का ईवीएम से मिलान किया जाएगा. अभी सिर्फ एक का वीवीपैट मिलान होता है.

अभी तक चुनाव आयोग 4125 ईवीएम और वीवीपैट के मिलान कराता है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इसकी संख्या बढ़कर 20625 हो जाएगी. वर्तमान में वीवीपैट पेपर स्लिप मिलान के लिए प्रति विधानसभा क्षेत्र में केवल एक ईवीएम लिया जाता है. एक ईवीएम प्रति विधानसभा क्षेत्र के 4125 ईवीएम के वीवीपीएटी पेपर्स से मिलान कराया जाता है.

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