फैजुल ने कायम की मिसाल, रोजा रखने से ज्यादा जरूरी, कोरोना से मरने वाले गरीबों की मदद करना

रमजान के महीने के दौरान एक घर्मनिष्ठ मुस्लिम की ओर से रोजा छोड़ना काफी दुर्लभ है।लेकिन कोरोना मरीजों की मदद के लिए यह काम किया है प्रयागराज के फैज़ुल ने।

प्रयागराज: देश में बढ़ते कोरोना के मामले से हर कोई हताहत है, और इस बीच रमजान का पाक महीना भी चल रहा है। इस दौरान कोरोना मरीजों की मदद करने वाले आगे आ रहे है। ऐसा ही कुछ मामला यूपी के प्रयागराज से सामने आया है। रमजान के महीने के दौरान एक घर्मनिष्ठ मुस्लिम की ओर से रोजा छोड़ना काफी दुर्लभ है। लेकिन कोरोना मरीजों की मदद के लिए यह काम किया है प्रयागराज के फैज़ुल ने।

आपको बता दें कि फैजुल एक शव वाहन चलाते हैं, वह महामारी के बीच गरीबों और जरूरतमंदों को मुफ्त में सेवा प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही वह अनाथ बच्चों का अंतिम संस्कार करने के लिए भी लगातार मदद कर रहे हैं। वाहन चालक फैसल कोरोनावायरस यो के मृत शरीर को एक स्थान से दूसरे स्थान लेकर जाने का काम कर रहे हैं और खास बात यह है कि उसके लिए वह मेहनताना तक नहीं ले रहे हैं उनकी यह सेवा ज़रूरतमंदो के लिए मुफ्त है।

 

प्रयागराज के अतरसुइया क्षेत्र के निवासी फैजुल पिछले 10 सालों से गरीबों के शवों को मुफ्त में वाहन प्रदान कर रहे हैं। और इस कोरोना संकट काल के कठिन समय के बीच उनका अधिकांश समय उन सभी लोगों की मदद करने में लग रहा है जो सबसे ज्यादा जरूरतमंद है। इसके साथ उन्होंने कहा कि यह बहुत कठिन समय है और जैसे ही कोई फोन करता है मैं तुरंत निकल जाता हूं ऐसे हालात में रोजा रखना संभव नहीं है, लेकिन मैं जानता हूं कि अल्लाह इस वक्त को समझता है।

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