पंचतत्व में विलीन हुए प्रसिद्ध कवि और पत्रकार मंगलेश डबराल

नई दिल्ली: साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित हिंदी के प्रसिद्ध कवि और पत्रकार मंगलेश डबराल का अंतिम संस्कार कर दिया गया। 72 साल की उम्र में डबराल का कोरोना के कारण निधन हो गया था।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती कराया गया था। जहां बुधवार की शाम उन्होंने अंतिम सांस ली। कोरोना से संक्रमित होने के कारण डबराल के अंतिम संस्कार में कम लोगों के भाग लेने की अनुमति थी। उनके अंतिम संस्कार में कई लेखक पत्रकार और संस्कृति कर्मी मौजूद रहे।

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सहित्य अकादमी के सचिव के निवास राव ने अपने शोक संदेश में कहा था कि डबराल एक अच्छे और लोकप्रिय कवि ही नहीं, श्रेष्ठ अनुवादक, संगीत और सिनेमा के गहरे पारखी थे। उनके किए अनुवादों से हिंदी पाठक कई विदेशी कवियों को पढ़ और समझ पाए। साहित्य अकादमी को उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा था।

उन्होंने कहा कि डबराल के निधन से भारतीय साहित्य को बड़ी क्षति पहुँची है। साहित्य अकादेमी, मंगलेश डबराल जी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करती है।

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