किसान भाई चिंता न करें, जो भी आवश्यक होगा हम करेंगे और आपको राहत देंगे

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से भेंट कर प्रदेश के कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा की है

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh) ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) से भेंट कर प्रदेश के कृषि से जुड़े विषयों पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि मैंने कृषि मंत्री से अनुरोध किया है कि मध्यप्रदेश के लिए 12.50 लाख मी. टन की बजाय 15 लाख मी. टन यूरिया आवंटित किया जाए ताकि खरीफ की फसल की बोवनी के समय यूरिया की कमी न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हमें जितनी आवश्यकता हो, उतना यूरिया उपलब्ध कराएं।

फसलों का बंपर उत्पादन

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भारत सरकार ने हमें सदैव कृपापूर्वक पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराया है। खरीफ 2021 की फसल के लिए हमें 12.50 लाख मी. टन यूरिया आवंटित किया गया है। यूरिया के साथ ही डीएपी भी फसलों के उत्पादन के लिए किसान की आवश्यकता है। मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि मध्यप्रदेश के लिए हमने 11 लाख मी. टन डीएपी मांग था, जिसकी स्वीकृति नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) जी ने दे दी है। इस बार प्रदेश में गेहूं के साथ ही चना, मसूर और सरसों का भी बम्पर उत्पादन हुआ है।

हमारा अनुमान है कि चने का 58.06 लाख मी. टन, मसूर का 5.48 लाख मी. टन और सरसों का 15.60 लाख मी. टन उत्पादन होगा। इसके हिसाब से कुल उत्पादन का 25% उपार्जन केंद्र सरकार PSS योजना के अंतर्गत करती है। इस संबंध में नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) जी ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं।

बेमौसम बरसात के कारण मध्यप्रदेश के कुछ जिलों में किसानों की फसल आड़ी हुई है। हम क्षति का आँकलन कर रहे हैं। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई है। अभी अधिकारी-कर्मचारियों के सारे दल फील्ड पर सर्वे कर रहे हैं।

‘किसान भाई चिंता न करें, जो भी आवश्यक होगा हम करेंगे और आपको राहत देंगे’।

नरवाई जलाने से नुकसान

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि खेतों में नरवाई जलाने से पर्यावरण को नुकसान होता है। इसे हतोत्साहित करने का विकल्प है कि उसे मशीन से नष्ट किया जाए। 4 राज्यों को नरवाई काटने व भूसा बनाने की मशीनों पर 80% अनुदान देने की योजना में शामिल किया गया है। मैंने मध्यप्रदेश को भी इस योजना में शामिल करने का अनुरोध किया है।

गेहूं रखने के लिये वेयरहाउस

इसके अलावा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में रेल मंत्री रेल मंत्री पीयूष गोयल से भी मुलाकात की है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में अब पुनः फसलों का उपार्जन प्रारम्भ होगा और हमारे सभी वेयरहाउस पहले ही भरे हुए हैं। गेहूं रखने के लिये वेयरहाउस के साथ ही टेम्प्रेरी कैप बनाए जाते हैं। हमें 10 लाख मी. टन अतिरिक्त कैंप बनाने की अनुमति दी जाए और पीडीएस सिस्टम से जो अनाज वितरित होता है, उसकी सब्सिडी की रु. 4,000 करोड़ की बकाया राशि हमें मिल जाये, इसका आग्रह मैंने रेल मंत्री पीयूष गोयल जी से किया है।

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