किसान आंदोलन: सरकार ने कहा, ‘स्थिति की ‘रनिंग कमेंट्री’ नहीं की जा सकती’

नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों ने आंदोलन कर रहे किसानों के साथ बातचीत की स्थिति और सरकार द्वारा उन्हें भेजे गए प्रस्तावों के बारे में सवाल किया। सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार किसानों के मुद्दों को लेकर संवेदनशील है और अब तक छह दौर की बातचीत की जा चुकी है।

प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह ‘वर्क इन प्रोग्रेस’ है और इसकी ‘रनिंग कमेंट्री’ नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि सरकार जिम्मेदारी के साथ काम कर रही है और उम्मीद है कि यह अंतिम चरण में है।

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बता दें कि सरकार किसानों के साथ अब तक छह दौर की बातचीत कर चुकी है। लेकिन इसका कोई हल नहीं निकला है। पांचवें दौर की बातचीत के बाद सरकार ने किसानों से कहा था कि वह कानूनों में संशोधन के संबंध में उन्हें अपना प्रस्ताव देगी और इसके बाद बुधवार को छठे दौर की बातचीत होगी। लेकिन मंगलवार को अचानक हुए घटनाक्रम में गृह मंत्री अमित शाह ने कुछ किसान नेताओं के साथ बातचीत की हालाकि उसमें भी कोई नतीजा नहीं निकला था।

सरकार ने आज किसानों के पास संशोधन से संबंधित प्रस्ताव भेजे हैं। जिनपर किसानों द्वारा विचार किए जाने के बाद दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर से चर्चा होगी। लेकिन देखना होगा कि सरकार द्वारा भेजे गया संशोधित प्रस्ताव किसानों को कितना लुभाता है।

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