किसान आंदोलन: कड़ाके की ठंड झेलने के बाद तपती धूप से निपटने की तैयारी

दिल्ली के बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहें किसानों ने कड़ाके की ठंड़ को तो झेल लिया अब तपती धूप से भी निपटने की तैयारी में लग चुके है।

दिल्ली: दिल्ली के बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहें किसानों ने कड़ाके की ठंड़ को तो झेल लिया अब तपती धूप से भी निपटने की तैयारी में लग चुके हैं। गाजीपुर बॉर्डर से राम त्रिपाठी ने कहा है कि गर्मी से निपटने के लिए गाजीपुर बॉर्डर पर बिजली के पंखे और कूलर की व्यवस्था की जाएगी। अगर बिजली नही मिलेगी तो किसान जनरेटर लाने के लिए भी तैयार हैॆ।

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार बिजली नहीं देगी तो हम बिजली दिल्ली सरकार से लेंगे और पंखे-कूलर चलाएंगे। दिल्ली सरकार हमें बिजली देने से मना नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ज्यादा दिक्कत होगी तो हम जेनरेटर ले आएंगे।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि यूपी सरकार हमें बिजली देगी तो बिजली का जितना भी बिल आएगा किसान भरेंगे। धरना स्थल के मंच से किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने फिर कहा कि आंदोलन लंबा चलेगा। किसानों की संख्या कम होने पर उन्होंने कहा कि लंबे आंदोलन में यह सब होता है। कभी किसानों की संख्या अधिक तो कभी कम होती रहती है। किसान खेती-बाड़ी के काम में भी लगे हुए हैं। जरूरत पड़ने पर किसानों की भीड़ फिर बढ़ जाएगी।

समझाया एकता के बारे में

गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहें आंदोलन का अगुवाई कर रहें राकेश टिकैत ने किसानों को एकता के बारे में समझाते हुए कहा है कि धरने पर जो किसान है उसका खेत-बाड़ी का इंतजाम उसका पड़ोसी या दोस्त संभालेगा।  कुछ दिनों बाद आंदोलन में बैठा किसान वापस घर जाएगा और उसका वह दोस्त, जो खेती संभाल रहा था धरने में आएगा। ऐसे में दोनों की जिम्मेदारी समय-समय पर बदलती रहेगी। उन्होंने कहा कि किसानों के बीच यह एकता है उसे और बढ़ाना है।

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