Farmer Strike: कांग्रेस विधायकों का जयपुर में धरना

राजस्थान में किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस विधायकों का एक दिवसीय धरना, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी प्रर्दशन में शामिल

जयपुर: राजस्थान में किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस विधायक दल का एक दिवसीय धरना शुरु हुआ। यह धरना प्रदर्शन दोपहर बारह बजे से शुरु हुआ जिसमें कई मंत्री, पार्टी विधायकों के आने का सिलसिला लगा हुआ है। धरने में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल होंगे।

गोविन्द सिंह डोटासरा का बयान

धरने में भाग लेने पहुंचे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने मीडिया से कहा कि आज धरने का कार्यक्रम यह संदेश देने के लिए किया गया हैं कि कांग्रेस किसानों के साथ हैं और मजबूती के साथ हैं। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के तहत लाखों लोग सड़कों पर हैं। राजस्थान में भी करीब एक लाख लोग आंदोलन के समर्थन में सड़क पर डटे हुए हैं। डोटासरा ने यह भी कहा कि किसानों का कहना हैं कि उन्होंने केन्द्र सरकार जितनी गूंगी एवं बहरी सरकार आज तक नहीं देखी जो किसानों को कोई बात नहीं सुन रही हैं।

डोटासरा का सरकार पर आरोप

गोविन्द सिंह डोटासरा ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह उद्योगपतियों के साथ मिलकर साजिश करके गोदाम बनवा रही हैं। उन्होंने कहा कि ये गोदाम किस नियम के तहत बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की बात इसलिए नहीं मानी जा रही हैं कि अगर किसानों की बात मान ली गई तो उनके उद्योगपति मित्रों का क्या होगा जिन्होंने करोड़ों रुपए इनमें लगा दिया और चंदा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के बाद पांच से ग्यारह जनवरी को विधायक एवं कांग्रेस के पदाधिकारी गांव गांव लोगों के बीच जाकर उन्हें जागृत करेंगे।

इससे पहले सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी ने कहा कि केन्द्र सरकार के किसान विरोधी लिये गये निर्णय के कारण आज किसान आंदोलनरत हैं और वे आत्महत्या करने को मजबूर हैं। शनिवार को भी एक किसान ने आत्महत्या कर ली। जोशी ने कहा कि दुख की बात हैं कि केन्द्र की असंवेदनशील सरकार किसानों को कोई राहत नहीं दे रही हैं जबकि उन्हें बड़े उद्योगपतियों को बेचे जाने की कोशिश कर रही हैं।

महेन्द्र चौधरी का बयान

सरकारी उपसचेतक महेन्द्र चौधरी ने कहा कि केन्द्र सरकार ने नये कृषि कानूनों को वापस नहीं लिये गये तो आज धरना देने के बाद पांच से ग्यारह जनवरी तक सभी विधायक अपने अपने क्षेत्रों में जाकर किसानों के समर्थन में लोगों को जागृत करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक यह नये कृषि कानून वापस नहीं लिये जायेंगे तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी केन्द्र सरकार को भूमि अधिगृहण कानून वापस लेना पड़ेगा और अब उसे ये तीनों कानून वापस लेने पड़ेगे।

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