21 दिन चलेगा किसान कल्याण मिशन (Farmers Welfare Mission)

कृषि आधारित गतिविधियों को विकसित करने और किसानो को उनकी आय दोगुनी करने के उपाय बताये जायेंगे।

लखनऊ: कृषि कानून को लेकर दिल्ली सीमा पर किसान संगठनो के विरोध के बीच अन्नदाताओं के प्रति सहानुभूति रवैया दर्शा रही उत्तर प्रदेश (UP) सरकार बुधवार से किसान कल्याण मिशन (Farmers Welfare Mission) के रूप में अभियान चलायेगी जिसमें कृषि आधारित गतिविधियों को विकसित करने और किसानो को उनकी आय दोगुनी करने के उपाय बताये जायेंगे।

सूबे के मुख्य सचिव (Chief Secretary) राजेन्द्र कुमार तिवारी ने मंगलवार को बताया कि किसान कल्याण मिशन के अन्तर्गत होने वाली गोष्ठी,प्रदर्शनी,मेला प्रत्येक विकास खण्ड में छह जनवरी से शुरू होकर अगले तीन सप्ताह में सम्पन्न होगी। प्रत्येक बुधवार को जिले के प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्रों में आच्छादित होने वाली विधानसभा क्षेत्रों में एक विकास खण्ड (Development Section) में इनका आयोजन होगा और यह क्रम तब तक चलता रहेगा, जब तक सारे विकासखण्ड आच्छादित नहीं हो जाते। यह आयोजन तहसील दिवस या किसी राजकीय अवकाश के दिन आयोजित नहीं होंगे।

आयोजन कराने का मुख्य उत्तरदायित्व (Responsibility) मुख्य विकास अधिकारी का होगा, जो सभी विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करके प्रत्येक विकास खण्ड की माइक्रो प्लानिंग करेंगे, इस आयोजन के लिये जिला कृषि अधिकारी कार्यक्रम के सदस्य सचिव होंगे। विकास खण्ड स्तर पर इन कार्यक्रमों के आयोजन का मुख्य दायित्व खण्ड विकास अधिकारी का होगा, जो सम्बन्धित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुये व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करेंगे।

उन्होने कहा कि इसके अलावा विकास खण्ड वार समय-सारिणी निर्धारित करते हुये इसका स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार भी करेंगे, जिससे कि इस कार्यक्रम में किसानों की प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

राज्य सरकार के विभिन्न उद्यम

केन्द्र सरकार के आत्म निर्भर पैकेज में किसान उत्पादक संगठनों (FPO) के संयोजन तथा एफपीओ के माध्यम से कृषि आधारित सामान्य सुविधा केन्द्रों के विकास एवं कृषि आधारित लघु एवं मध्यम उद्योगों के सम्बन्ध में कार्य योजना बनाई जायेगी। इसके अन्तर्गत प्रत्येक विकास खण्ड में एफपीओ का गठन उनके कार्यकलाप, राज्य सरकार के विभिन्न उद्यम, सामान्य सुविधा केन्द्रों की स्थापना से जुड़े हुये विभिन्न कार्यक्रमों को बढ़ाने के सम्बन्ध में विस्तृत कार्य-योजना बनाई जायेगी तथा ऐसी सभी गतिविधियां जो कि एफपीओ के माध्यम से किसानों के कल्याण के लिये प्रारम्भ की जा सकती हैं, के बारे में जानकारी दी जायेगी।

तिवारी ने बताया कि अभियान के तीन मुख्य भाग होंगे। पहला कृषि व सहवर्गी सेक्टर की वृहद् प्रदर्शनी, जिसमें स्थानीय स्तर पर लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्यमिता इकाईयों तथा ग्राम्य विकास के आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों के द्वारा उत्पादित प्रमुख उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी एवं विभिन्न प्रकार की कृषि तकनीकों के प्रदर्शन (Demonstration) कराये जायेंगे। दूसरा किसान गोष्ठी जिसमें प्रगतिशील किसान, कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग से जुड़े कृषि प्रसार कार्यकर्ता सरकार की किसानोन्मुखी योजनाओं के बारे में सम्यक जानकारी उपलब्ध करायेंगे। तीसरा विभिन्न विभागों द्वारा कृषि कल्याण की संचालित योजनाओं के लाभार्थियों को मौके पर ही लाभ प्रदान कराया जायेगा।

कृषि प्रदर्शनी में कृषि विभाग के साथ

विकास खण्ड स्तर पर आयोजित होने वाले कृषि मेला एवं कृषि प्रदर्शनी में कृषि विभाग के साथ-साथ उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, रेशम, सहकारिता, सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई, नेडा, विद्युत, ग्राम्य विकास, पंचायतीराज, वन, बाल विकास एवं पुष्टाहार इत्यादि विभाग अपनी-अपनी योजनाओं से सम्बन्धित स्टाल लगायेंगे एवं लाभार्थीपरक योजनाओं के स्वीकृति पत्र,प्रमाण-पत्र,कृषि यंत्र वितरण,पुरस्कार आदि का वितरण भी सुनिश्चित करायेंगे।

कृषि मेले एवं कृषि प्रदर्शनी में किसान कल्याण से सम्बन्धित विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूकता गोष्ठी के साथ-साथ उक्त क्षेत्र के किसानों के कल्याण से जुड़े सभी कार्यक्रमों के बारे में न केवल जानकारी दी जायेगी, बल्कि योजनाओं के अन्तर्गत लाभार्थियों का चयन करते हुये, लाभार्थियों को विभिन्न सुविधायें उपलब्ध करायी जायेंगी तथा उपलब्ध सुविधाओं का वितरण कराया जायेगा।

उन्होंने बताया कि कृषि विभाग इस योजना के नोडल विभाग के रूप में कार्य करेगा एवं विकास खण्ड स्तर पर प्रदर्शनी एवं मेला लगाने की पूरी व्यवस्था करने के उत्तरदायित्व का निर्वहन करेगा। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की स्वीकृति पत्र का वितरण सम्बन्धित विकास खण्ड की बैंक की शाखाओं के साथ समन्वय कर सुनिश्चित कराया जायेगा।

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