किसानों का आया डिजिटल साथी, फसलों को बढ़ाने में करेगा मदद

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पेन स्टेट में प्लांट साइंस में डॉक्टरेट डिग्री उम्मीदवार, अमीन अफजल कहते हैं कि पत्ते की मोटाई  एक गुब्‍बारे की तरह होती है जो पानी मिलने पर फूलती है और पानी नहीं मिलने पर सिकुड़ती है। अफजल ने बताया, जैसे-जैसे पानी का स्टेटस कम होता है वैसे-वैसे पत्तों में विद्युत कैपेसिटन्स झेलने की क्षमता कम होने लगती है और ये सेंसर फिर दर्शाते हैं कि अब पौधे को पानी की जरूरत है।

इस सेंसर की गतिविधि मापने के लिए सेंट्रल कंप्यूटर का इस्तेमाल कर सकते हैं जो आपको कब किस पौधे को पानी देना है और किसे नहीं इसेक बारे में बातएगा। जो फसलों के विकास में सहयोग करेगा। इस विधि के विकशित हो जाने से किसानों की फसलें बर्बाद होने से बचेगी।

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