पंजाब: अटल जयंती समारोह में किसानों ने किया उपद्रव, भाजपा ने कांग्रेस पर लगाए आरोप

चंडीगढ़, केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली सीमा पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच आज भटिंडा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जयंती समारोह के दौरान अनेक तथाकथित किसानों ने पहुंच कर वहां हंगामा, नारेबाजी और तोड़फाेड़ की।

समारोह का आयोजन भारतीय जनता पार्टी ने अमरीक सिंह उड़ाग पैलेस में किया था। समारोह जब चल रहा था तभी वहां बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंच कर वहां व्यवधान पैदा किया। इन लोगों ने वहां भाजपा, केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की और कुर्सियां तक तोड़ डालीं। ये लोग खुद को किसान बता रहे थे। पुलिस ने हालांकि समारोह स्थल पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हुए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती करने के साथ अवरोधक भी लगाये गये थे।

उपद्रवियों ने भाजपा नेताओं के साथ की मारपीट

बताया जाता है कि भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) और अन्य किसान यूनियनों से जुड़े 100 से ज्यादा किसान मौके पर पहुंच गए और इन्होंने पहले भाजपा सरकार एवं प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इन्होंने पुलिस द्वारा लगाये अवरोधक तोड़ डाले और समारोह स्थल में घुस गए और कुर्सियां इधर उधर फैंकनी शुरू कर दीं। बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी के बीच उपद्रवियों ने समारोह में भाजपा कार्यकर्ताओं तथा मंच पर बैठे भाजपा नेताओं के साथ हाथापाई की और इन्हें नीचे उतार दिया। अचानक हुई इस हरकत से समारोह में अफरा तफरी मच गई। बताया जाता है कि इस दौरान उपद्रवियों ने ईंट पत्थर भी बरसाये। मामला बढ़ने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भूपिंदरजीत सिंह विर्क अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गये।

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हंगामा करने के किसान समारोह स्थल पर ही धरने पर बैठ गये। वहीं उनकी इस हरकत के विरोध में भाजपा नेता और कार्यकर्ता भी धरने पर बैठे गये हैं और गुंडागर्दी करने वाले किसानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। दोनों ओर से धरने शुरू किये जाने के चलते घटनास्थल पर तनाव बना हुआ है। प्रदर्शनकारी किसान नेताओं ने कहा कि वे पंजाब में किसी भी जगह पर भाजपा का कोई समारोह आयोजित नहीं करने देंगे और न ही बीजेपी के किसी नेता को शहर में घुसने देंगे। इसी के चलते उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह में विरोध प्रदर्शन किया है। उन्होंने ईंट-पत्थर बरसाने की बात को निराधार बताया।

किसानो के नाम पर कुछ लोग राजनितिक संरक्षण में कर रहे गुंडागर्दी

उधर भाजपा नेताओं ने कहा कि किसानों के नाम पर कुछ लोग राजनीतिक संरक्षण में गुंडागर्दी पर उतर आए हैं। इन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह अपने राजनीतिक स्वार्थों से शहर का माहौल खराब कर रही है। इन्होंने आरोप लगाया कि मौके मौजूद भारी संख्या में पुलिस ने न तो किसानों को रोका और न ही इनकी इस हरकत पर कोई कार्रवाई की।
प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं तथा दोनों पक्षों को समझाने बुझाने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा जिला शहरी प्रधान विनोद कुमार बिंटा ने आरोप लगाया कि किसानों के नाम पर सत्ताधारी दल के नेता गंदा राजनीतिक खेल रहे हैं। किसानों के नाम पर कुछ लोग वहां एकत्रित हुए और इन्होंने समारोह स्थल में हंगामा करना शुरू कर दिया। इस दौरान कुछ लोगों ने उन पर ईंट-पत्थर भी फैंके और लाठियों से पार्टी कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया। गुंडागर्दी का यह खेल करीब आधा घंटा पुलिस के सामने चलता रहा जिससे स्पष्ट होता है कि राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस दहशत का माहौल बना रही है तथा शहर के व्यापारियों और आम लोगों को परेशान करने का काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि वह पार्टी हाईकमान के निर्देश पर यह कार्यक्रम कर रहे थे तथा इसकी जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी लेकिन समारोह शुरू होते ही पुलिस के सामने किसान नेता कहने वाले लोग वहां पहुंचे और इन्होंने गुंडागर्दी करनी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि पंजाब में लोकतंत्र और कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। उनका समारोह पूरी तरह से अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित किया गया था।

बिंटा ने कहा कि उन्होंने कभी किसानों के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोला इसके बावजूद शांतिपूर्वक चल रहे समारोह में गुंडागर्दी कर हंगामा किया गया। जिसे भाजपा किसी भी हालत में सहन नहीं करेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस अगर दहशत फैला कर और लोगों को आगे कर उन्हें डराने की कोशिश कर रही है तो यह उनकी गलत फहमी है। वे उनकी इस तरह की हरकतों से डरने वाले नहीं है और इसका डट कर विरोध किया जाएगा वहीं जरूरत पड़ने पर अदालत का सहारा भी लेंगे।

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