Organic फसलों और सब्जियों को महत्व दे किसान: अपर मुख्य सचिव

वाराणसी: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) कृषि विपणन एवं कृषि विदेश व्यापार तथा निर्यात प्रोत्साहन विभाग के अपर मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary) डॉ देवेश चतुर्वेदी (Dr. Devesh Chaturvedi) ने सोमवार को कहा कि ऑर्गेनिक सब्जियों (Organic vegetables) एवं फलों की मांग बढ़ने की संभावना के मद्देनज़र किसान ठोस योजना बनाकर उस पर अमल करे।

जिले के प्रभारी अधिकारी डॉ चतुर्वेदी ने शहंशाहपुर के भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (Indian Vegetable Research Institute) का दौरा किया तथा कृषि वैज्ञानिक, उद्यान तथा पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ऑर्गेनिक उत्पादों (Organic products) की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए उस दिशा में गंभीरता पूर्वक प्रयास किया जाना समय की मांग है।

डॉ चतुर्वेदी ने उप निदेशक कृषि स्मिता वर्मा को ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा देने और इसके सर्टिफिकेशन के लिए निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिक उपज देने वाली फसलों एवं सब्जियों की प्रजातियों के विकसित करने के पश्चात् उसके उत्पादन की जानकारियां किसानों को दी जाये ताकि अन्नदाताओं को अच्छी आमदनी हो सके।

आरकेवीवाई योजना के अंतर्गत किसानों को मिलेंगे सब्सिडाइज्ड बीज

उन्होंने कहा कि आरकेवीवाई योजना के अंतर्गत किसानों को सब्सिडाइज्ड बीज के पैकेट वितरित किये जायें, जिससे वह किसानों में लोकप्रिय हो और ज्यादा से ज्यादा पैदावार हासिल किया जा सके। उन्होने कहा कि यह संस्थान बीज उत्पादन करने में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए बीज का एक प्रमुख केंद्र बन सकता है।

संस्थान के निदेशक डॉ. जगदीश सिंह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से सब्जी अनुसंधान के क्षेत्र में किये गये शोधों और उसके विपणन सहित भविष्य में ऑर्गेनिक सब्जियों की उपज आदि की जानकारियां दीं। निदेशक ने बताया कि पिछले तीन वर्षों में 2756 कृषकों को ट्रेनिंग दी गई है तथा पिछले पांच सालों में सब्जियों की 41 किस्में विकसित की गई हैं। निजी कंपनियों के साथ 43 करार किये गये हैं।

इसे भी पढ़े: Hardoi : धान क्रय केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंची नोडल अधिकारी डिंपल ( Dimple ) 

अपर मुख्य सचिव ने अनुसंधान संस्थान के पास 300 की क्षमता वाली गौशाला में रखे गये 280 आवारा पशुओं की देखभाल के बारे में जानकारी ली तथा निर्माणाधीन बायो-गैस प्लांट का निरीक्षण किया। निरीक्षण में बायो-गैस तैयार करने के लिए गाय के गोबर की आपूर्ति, बायो-गैस तैयार करने तथा इससे संबंधित अधिकारियों से बातचीत की।

Related Articles