किसानों को मिला इंसाफ, शिवराज बोले ‘अन्नदाता के हितों की रक्षा ही नए कृषि कानून का उद्देश्य’

मध्यप्रदेश में किसान को मिला न्याय, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बोले ‘अन्नदाता के हितों की रक्षा ही नये कृषि कानून का उद्देश्य’

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नए कृषि कानूनों को किसानों के हित में बताते हुए आज कहा कि इनकी वजह से राज्य के होशंगाबाद जिले में किसानों को 24 घंटे में राहत मिली है।

24 घंटे के भीतर न्याय

शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट के जरिए लिखा है कि अन्नदाता के हितों की रक्षा ही नये कृषि कानून का ध्येय है। यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि होशंगाबाद जिले के किसानों को इस कानून के कारण 24 घंटे के भीतर न्याय मिला है।

‘कॉन्शुलेशन बोर्ड’

मुख्यमंत्री ने बताया कि होशंगाबाद जिला प्रशासन ने इस प्रकरण की जानकारी प्राप्त होने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई की। जिले के पिपरिया स्थित अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय ने समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि को 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर कंपनी के डायरेक्टर अजय भलोटिया हाजिर हुए और उन्होंने ‘कॉन्शुलेशन बोर्ड’ के समक्ष नौ दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया।

कृषि सेवा अधिनियम

शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि पिपरिया क्षेत्र के अधीन आने वाले भौखेड़ी के कृषक पुष्पराज और ब्रजेश पटेल के साथ अनेक किसान बंधुओं को न्याय मिला। इस संबंध में प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार किसानों से अनुबंध के बावजूद दिल्ली की एक राइस मिल (फॉर्चून राइस लिमिटेड) द्वारा धान नहीं खरीदी जाने के प्रकरण में होशंगाबाद जिला प्रशासन ने नए कृषि कानून ”किसान (सशक्तिकरण और संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020” के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई कर किसानों को न्याय दिलाया है।

फॉर्चून राइस लिमिटेड कंपनी

पिपरिया के अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) नितिन टाले ने बताया कि किसानों से मंडी के उच्चतम मूल्य पर धान खरीदी के इसी वर्ष जून माह के अनुबंध के बावजूद फॉर्चून राइस लिमिटेड कंपनी द्वारा नौ दिसंबर को मंडी में उच्च विक्रय मूल्य होने पर धान नहीं खरीदी गयी। इस प्रकरण में अगले दिन ग्राम भौखेडी के किसान पुष्पराज पटेल एवं ब्रजेश पटेल द्वारा उनके (एसडीएम नितिन टाले) समक्ष शिकायत की गई। कृषकों ने चर्चा में बताया कि कंपनी द्वारा इसी वर्ष जून माह में उच्चतम बाजार मूल्य पर धान खरीदी का अनुबंध किया था। कंपनी द्वारा लगातार अनुबंध अनुसार खरीदी की जाती रही, लेकिन तीन हजार रुपए प्रति क्विंटल धान के भाव होने पर कंपनी के कर्मचारियों ने खरीदी बंद कर फोन बंद कर लिये।

कृषि सेवा अधिनियम 2020 की धारा

प्रकरण में अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) न्यायालय पिपरिया ने तत्काल समन जारी कर फॉर्चून राइस लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि से 24 घंटे में जबाव तलब किया। एसडीएम कोर्ट द्वारा जारी समन पर फॉर्चून राइस लिमिटेड के डायरेक्टर अजय भलोटिया ने जबाव प्रस्तुत किया। इसके बाद कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) अनुबंध मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 की धारा 14(2)(ए) के तहत एक विशेष ”कॉन्शुलेशन बोर्ड” का गठन किया गया। कॉन्शुलेशन बोर्ड के समक्ष कंपनी ने नौ दिसंबर के उच्चतम दर पर धान क्रय करना स्वीकार किया।

नया कानून

बोर्ड की अनुशंसा के आधार पर एसडीएम ने अनुबंधित कृषकों से (2950+50 रुपए बोनस), कुल 3000 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदने का आदेश दिया। इस अधिनियम के तहत लिए गए फैसले की संबंधित किसानों ने सराहना की है। किसानों ने बताया कि यदि अनुबंध के तहत कंपनी धान नहीं खरीदती तो उन्हें बहुत नुकसान उठाना पड़ता। नए कानून के तहत अब वे उच्च दाम पर भी अपनी धान बेचने में सफल रहे।

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