केंद्र सरकार (Central Government) और किसानों के बीच बैठक आज, क्या सहमत होंगे किसान?

किसानों से होने वाली बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक की।

नई दिल्ली: दिल्ली बॉर्डर पर 39 दिनों से लगातार जारी किसान आंदोलन (Farmer Protest) पर आज सरकार और किसानों के बीच अहम बैठक होने वाली है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या आज किसानों का आंदोलन खत्म हो जाएगा? क्या किसानों की मांग पूरी की जाएगी? बता दें कि सरकार और किसानों के बीच होने वाली इस बैठक में किसान संगठन और केंद्र सरकार के बीच कृषि कानून को वापस लेने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी स्वरूप देने पर चर्चा होगी।

किसानों ने दी सरकार को धमकी

लगातार तेज बारिश में आंदोलन कर रहे किसानों ने सरकार को धमकी दी है कि सरकार अगर तीन कृषि कानून को वापस नहीं लेती है और न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी स्वरूप नहीं देती है तो वो अपने इस आंदोलन को और आगे बढ़ा देंगे जिससे सरकार को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। बता दें कि इससे पहले पिछले बुधवार को भी किसान और सरकार के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में पराली और बिजली संशोधन बिल पर किसान और केंद्र के बीच सहमति बनी थी।

पीएमओ में होगी बैठक

किसान संगठनों के साथ सातवें दौर की बैठक से पहले प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) सक्रिय है। इस सिलसिले में पीएमओ ने आज होने वाली बैठक को लेकर संबंधित मंत्रियों से फीडबैक भी लिया है।

क्या सरकार निकालेगी बीच का रास्ता?

वहीं खबर है कि सरकार को इस बात का अंदाजा है कि किसानों से जुड़ा ये मसला आसानी से खत्म होने वाला नहीं है। सूत्रों के मुताबिक सरकार आज किसानों के साथ होने वाली बैठक में बीच का रास्ता निकालने के लिए कोई फॉर्मूला पेश कर सकती है। खबर है कि सरकार एसएसपी(MSP) पर लिखित भरोसा देने के विकल्प पर विचार कर रही है।

वहीं किसानों से होने वाली बैठक से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बैठक की। सूत्रों के मुताबिक , इस बैठक में दोनों ने बीच का रास्ता निकालने पर चर्चा की है।

कब से चल रहा है किसान आंदोलन

किसान को आंदोलन करते हुए आज 39 दिन हो चुके हैं। किसान लगातार अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। तेज बारिश और कड़ाके की ठंड भी किसानों को कमजोर नहीं बना सकी। तेज बारिश और ठंड होने के बाद भी किसान अपने आंदोलन पर डटे हुए हैं। अब अगर आज की बैठक में भी केंद्र सरकार किसानों के प्रस्ताव को नहीं मानती है तो वो अपने आंदोलन को और बढ़ा देंगे।

13 तारीख को जलाएंगे नए कानूनों की प्रतियां

वहीं किसान नेता मनजीत सिंह राय ने कहा कि ‘हम13 जनवरी को नए कानूनों की प्रतियां जलाकर लोहड़ी का त्योहार मनाएंगे। साथ ही राय ने लोगों से अपील की कि वे 6 से लेकर 20 जनवरी तक के समर्थन में देशभर में धरना-प्रदर्शन आयोजित करें। उन्होंने कहा कि वे नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर 23 जनवरी को ‘आजाद हिंद किसान दिवस’ के रूप में मनाएंगे।

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