Farmers Protest: क्या एक बार फिर तेज होगा किसानों का आंदोलन?

सरकार ने किसान संगठनों को एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव भेजा है और उनसे मुद्दे और समय बताने का अनुरोध किया है।

नई दिल्ली: कृषि सुधार कानूनों के विरोध के किसान संगठनों ने राष्ट्रीय राजधानी की सीमा के पास सोमवार से क्रमिक अनशन शुरु कर दिया। किसान संगठनों के 11 प्रतिनिधियों ने सिंधु सीमा पर आंदोलन शुरु किया है जो लगातार जारी रहेगा। अनशन में हर दिन अलग-अलग किसान नेता हिस्सा लेंगे।

सरकार ने बातचीत के लिए फिर बुलाया

सरकार ने किसान संगठनों को एक बार फिर बातचीत का प्रस्ताव भेजा है और उनसे मुद्दे और समय बताने का अनुरोध किया है। कृषि मंत्रालय की ओर से 40 किसान संगठनों को भेजे गए पत्र में आंदोलन और पांच दौर की बातचीत की विस्तार से चर्चा की गई है। सरकार ने किसान संगठनों को कृषि कानूनों में संशोधन करने का जो प्रस्ताव दिया है उसका भी उल्लेख किया गया है। जिसको लेकर किसान संगठनों ने कहा है कि सरकार के प्रस्ताव पर सोमवार को चर्चा की जाएगी और उसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा।

मन की बात का विरोध करेंगे किसान

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एक-दो दिन में किसान संगठनों से बात कर सकते हैं। कई किसान संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात का विरोध करने और इस दौरान किसानों से थाली बजाने को अपील की है ।

किसान संगठन लगातार सरकार से तीन कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं और सरकार कानूनों में संशोधन करने के प्रस्ताव पर अड़ी हुई है। किसान संगठन और सरकार के बीच पांच दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन उसमें कोई ठोस नतीजा अभी नहीं निकला है। इस बीच किसान संगठनों ने आंदोलन तेज करने और NH-9 को जाम करने की धमकी दी है।

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