तेज गेंदबाज हेजलवुड ने पुजारा को किया सचेत, कहा- ‘यह मायने नहीं रखता कि सामने कौन सा बल्लेबाज है’

सिडनी: ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा को आगाह करते हुए कहा है कि इस बार उछाल भरी पिचों से पुजारा का टेस्ट लिया जाएगा। पुजारा ने 2018-19 के पिछले ऑस्ट्रेलियाई दौरे में तीन शतकों की मदद से सर्वाधिक 521 रन बनाये थे और भारत को ऑस्ट्रेलिया की जमीन पर पहली बार 2-1 की ऐतिहासिक जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। पिछले दौरे में इतना सफल रहने के बावजूद पुजारा को पर्थ की उछाल वाली पिच पर संघर्ष करना पड़ा था और वह पर्थ के दूसरे टेस्ट में 24 और चार रन बनाकर आउट हुए थे। पुजारा को पहली पारी में मिशेल स्टार्क ने और दूसरी पारी में हेजलवुड ने आउट किया था। पुजारा दोनों पारियों में विकेटकीपर के हाथों लपके गए थे।

कमजोरी का फायदा उठाने की फिराक में हेजलवुड 

तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड उछाल वाली पिचों पर पुजारा की कमजोरी का फायदा उठाने की फिराक में हैं। ऑस्ट्रेलिया के लिए 51 टेस्ट मैचों में 195 विकेट ले चुके हेजलवुड ने कहा, “पुजारा को पर्थ की उछाल भरी पिच पर पिछले दौरे में रन बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ा था। उन्होंने अपना अधिकतर क्रिकेट भारत की धीमी पिचों पर खेला है और उन्हें यहां की पिचों पर सफल होने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। अगर हम ऑस्ट्रेलिया के कुछ मैदानों में उछाल प्राप्त करने में सफल रहे तो निश्चित तौर पर यह हमारे लिए लाभदायक होगा। मेरे हिसाब से पुजारा के खिलाफ धैर्य से खेलना होगा और उछाल भरी गेंदों से उनका टेस्ट लेना होगा। ऐसे में हमें अपनी योजना के अनुरूप गेंदबाजी करनी होगी।”

विराट की वापसी से टीम पर होगा दबाव

हेजलवुड ने साथ ही कहा कि भारतीय कप्तान विराट कोहली के एडिलेड में पहला टेस्ट खेलकर स्वदेश लौट जाने से भारतीय बल्लेबाजी पर निश्चित रूप से दबाव आएगा और पुजारा को बल्लेबाजी का अधिकतर भार उठाना होगा। विराट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट मैच के बाद पितृत्व अवकाश के मद्देनजर स्वदेश वापस लौट जाएंगे।

‘धैर्य सबसे अधिक मायने रखेगा’

जोश हेजलवुड ने साथ ही कहा कि टेस्ट सीरीज में खिलाड़ियों का धैर्य सबसे अधिक मायने रखेगा। हेजलवुड ने कहा, “सीमित ओवरों और टेस्ट मैच में मेरे लिए धैर्य एक बड़ा अंतर पैदा करता है। एकदिवसीय मैचों में आपके पास 10 ओवर होते हैं और आप हमेशा विकेट झटकने की नहीं सोचते हो लेकिन आपको पता है कि आपके पास केवल 10 ओवर ही है और उसी में आपको अपना प्रभाव छोड़ना है। वहीं टेस्ट मैचों में धैर्य की परीक्षा होती है। पूरे दिन सही जगह पर गेंद डालना एक बड़ी चुनौती है।”

उन्होंने कहा “मेरे लिए यह मायने नहीं रखता कि सामने कौन सा बल्लेबाज क्रीज पर मौजूद है। मुझे केवल विकेट से और सही जगह पर गेंद डालने से मतलब है, भले सामने विराट हों या पुजारा।” उन्होंने कहा कि उनके हिसाब से हर कोई अपने आप में अलग है लेकिन खुद का प्रदर्शन बेहतर रखने के लिए खिलाड़ी से अधिक विकेट पर ध्यान लगाना होगा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज की शुरुआत 27 नवंबर से एकदिवसीय मैच से हो रही है। दोनों देशों के बीच 17 दिसंबर को पहला टेस्ट मैच एडिलेड में खेला जाएगा।

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