गैंगरेप पीड़िता को बयान बदलने के लिए महिलाकर्मियों ने जूतों और बेल्ट से पीटा

प्रदेश की योगी सरकार भले ही महिला सशक्तिकरण अभियान के नाम पर करोडों खर्च कर रही हो, लेकिन यूपी पुलिस ही सरकार के अभियान पर पलीता लगा रही है।

लखनऊः प्रदेश की योगी सरकार भले ही महिला सशक्तिकरण अभियान के नाम पर करोडों खर्च कर रही हो, लेकिन यूपी पुलिस ही सरकार के अभियान पर पलीता लगा रही है। अयोध्या में दबंगों ने दलित नाबालिग के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। इस मामले में आरोपियों को गिरफ्तार तो किया गया लेकिन इसके बाद पीड़ित युवती ने पुलिस पर ही बयान बदलने के लिए जूतों और बेल्ट से पीटने का आरोप जड़ दिया।

जानकारी के मुताबिक अयोध्या के महाराजगंज इलाके के नारे गांव में एक नाबालिग दलित लड़की के साथ गांव के ही 2 युवकों ने गैंगरेप की घटना की। किशोरी सुबह शौच के लिए गई तभी दोनों युवकों ने उसे झाड़ी में खींच कर गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में अब पीड़िता ने पुलिस पर आरोप लगाया है की जब वह शिकायत करने थाने पहुंची थी तो वहां पर दो महिला पुलिसकर्मियों ने उसको बयान बदलने के लिए धकया, जूतों और बेल्ट से पीटा था।

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विपक्षी पार्टी ने युवती के गांव पहुंचकर न्याय की मांग

मामला सामने आने के बाद विपक्षी पार्टी के कार्यकर्ताओ ने युवती के गांव पहुंचकर न्याय की मांग की है। मामले को तूल पकड़ता देख पुलिस अफसरों ने पीटने के आरोप में घिरी दोनों महिला पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।

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पीड़ित युवती को पुलिस द्वारा पीटने का आरोप

पीड़ित युवती को पुलिस द्वारा पीटने का आरोप लगने के बाद बसपा का प्रतिनिधिमंडल पीड़िता और उसके परिवार से मिलने पहुंचा। उसके बाद समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पीड़िता के घर पहुंच गया और गांव वालों के सामने बैठा कर उसके पिता से पूरी घटना की जानकारी ली इसके बाद सरकार को निशाने पर लेते हुए पीड़िता के साथ खड़े होने का ऐलान कर दिया गया और न्याय की मांग करने लगे।

 

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