धोनी के विकेटकीपिंग के मुरीद हुए फील्डिंग कोच, कहा- इस पर रिसर्च होनी चाहिए

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नई दिल्ली। कैप्टन कूल का तगमा हासिल कर चुके पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने शांत स्वभाव के लिए जाने जाते है और इनके इसी स्वभाव के कारण इनके फैन्स की कतार बहुत लंबी है। अब इस लिस्ट में टीम इंडिया के फील्डिंग कोच आर.श्रीधर का नाम भी जुड़ गया है। आर. श्रीधर धोनी के विकेट कीपिंग के मुरीद हो गए है।

श्रीधर का मानना है कि टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की विकेटकीपिंग शैली कभी भी विशुद्ध रूप से पारंपरिक नहीं रही है बावजूद इसके इसने उनके पक्ष में काम किया है। वह कीपिंग अभ्यास सत्र में ज्यादा भाग नहीं लेते लेकिन करीबी स्टंपिंग और रनआउट करने में उन्हें महारथ हासिल है। धोनी की असाधारण विकेटकीपिंग पर रिसर्च होना चाहिए, जिसे मैं ‘द माही वे’ नाम देना चाहूंगा।

36 साल का क्रिकेटर होने के बावजूद उनकी कलात्मक विकेटकीपिंग की तुलना आज के युवाओं से नहीं की जा सकती, जो फिटनेस के मुकाबले में उनसे ज्यादा बेहतर हैं। बता दें कि धोनी ने 316 वनडे मैचों में 295 कैच और 106 स्टम्प किए हैं।

श्रीधर का कहना है कि एक स्पिन गेंदबाज के सामने विकेटकीपिंग करना सबसे मुश्किल काम है, लेकिन विकेट के पीछे एमएस धोनी इस काम को बखूबी निभाते हैं। उनके हाथों की तेजी के आगे बड़े से बड़ा बल्लेबाज भी अपने घुटने टेक देता है।

एक समय वो भी था जब धोनी की विकेटकीपिंग को लेकर टीम के चयनकर्ताओं ने बड़े सवाल उठाए थे, लेकिन धोनी ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपनी विकेटकीपिंग पर लगातार काम किया और खुद को इंटरनेशनल क्रिकेट के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल किया।

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