फुटबॉल में क्रिकेट के जैसे कर सकते हैं रिव्यू अपील, फीफा ने ‘वीएआर’ तकनीक को दी मंजूरी

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बोगोटा। फुटबाल की विश्व नियामक संस्था फीफा की परिषद की हुई पांचवीं बैठक में फुटबाल वर्ल्ड कप में वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) तकनीक को मंजूरी दे दी है। अब यह तकननीक रूस में 14 जून से 15 जुलाई के बीच खेले जाने वाले वर्ल्ड कप में उपयोग होगी।

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समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने फीफा के अध्यक्ष गियानी इंफैनटिनो के हवाले से लिखा है, हम पहली बार विश्व कप में वीडियो असिस्टेंट रेफरी तकनीक के साथ उतरेंगे। इंफैनटिनो ने शुक्रवार को फीफा की बैठक के बाद कहा, इसे मान लिया गया है और इसकी मंजूरी भी दे दी गई है। हम इस फैसले से खुश हैं। यह जरूरी और ऐतिहासिक फैसला था।

वीएआर के माध्यम से क्रिकेट के रिव्यु सिस्टम के तर्ज़ पर फूटबल मैच में दौरान अधिकारी रेफरी के फैसले की समीक्षा कर सकते हैं और साथ ही उसे बदल भी सकते हैं। इससे पहले इस तकनीक का उपयोग जर्मन लीग और इटली की सेरी-ए लीग में हो चुका है। वहीं रूस में 2017 में खेले गए कंफेडेरेशन कप में भी इसका उपयोग किया गया था।

इंफैनटिनो ने माना की वीएआर एकदम सटीक नहीं है लेकिन इससे खेल में ज्यादा पारदर्शिता आएगी।

क्रिकेट रिव्यू सिस्टम के जैसा होगा वीडियो असिस्टेंट
इस तकनीक की मदद से रिकॉर्ड हो रहे लाइव फुटबॉल मैच को देखने के लिए एक रेफरी रखा जाएगा। ये रेफरी, फील्ड में मौजूद दो रेफरियों से अलग होगा, जो कैमरे के जरिए मैच की गतिविधियों पर नजर रखेगा। अगर फील्ड रेफरी का कोई निर्णय जैसे कि गोल, फाउल, पेनल्टी, कैमरे में गलत पाया जाता है या उसकी गलती सामने आती है, तो वीडियो असिस्टेंट रेफरी की मदद से उस फैसले को बदला जा सकता है। ये क्रिकेट के ‘DRS’ यानि डिसिजन रिव्यू सिस्टम से मिलता-जुलता है।

कौन-कौन से फैसले रिव्यू किए जा सकते हैं
– गोल हुआ है या नहीं, या फिर गोल करने के दौरान किसी नियम का उल्लंघन तो नहीं हुआ, इसे रिव्यू किया जा सकता है।
– खिलाड़ियों को पेनल्टी दिए जाने के फैसले रिव्यू कर सकते हैं
– रेफरी द्वारा रेड कार्ड दिए जाने के निर्णय को रिव्यू किया जा सकता है।
– इसके अलावा अगर किसी खिलाड़ी को गलती से येलो कार्ड दिया गया है तो उसे भी रिव्यू कर सकते हैं।

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