फीफा वर्ल्ड कप: इंग्लैंड को जीत तो नहीं दिला सके लेकिन यह बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर गए हैरी केन

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मास्को। रुस में खेले गए फीफा वर्ल्ड कप 2018 भले ही फ्रांस ने कब्ज़ा जमाया हो। वहीँ हारने के बाद भी ऐसी कई टीमें है जिहोने अपने नाम ऐसे कई खिताब हासिल किए है। फीफा में मिलने वाले सबसे बड़े इनाम गोल्डन बूट का तगमा इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन के नाम रहा।

harry kane

केन ने टूर्नामेंट के छह मैचों में छह गोल किए। केन 32 वर्षों में इंग्लैंड के पहले ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने गोल्डन बूट का पुरस्कार जीता है। इससे पहले इंग्लैंड के गेरी लिनेकर ने 1986 में छह गोल के साथ गोल्डन बूट अवार्ड जीता था।

केन हालांकि इस पुरस्कार को पाने के लिए व्यक्तिगत रूप से यहां उपलब्ध नहीं थे क्योंकि वह दोपहर ही इंग्लैंड रवाना हो चुके थे।

बेल्जियम के रोमेलु लुकाकू चार गोल के साथ दूसरे, मेजबान रूस के डेनिस चेरिशेव पांच मैचों में चार गोल के साथ तीसरे और पुर्तगाल के क्रिस्टियानो रोनाल्डो चार मैचों में चार गोल के साथ चौथे नंबर पर रहे। विजेता फ्रांस के एंटोनियो ग्रीजमैन ने सात मैचों में चार गोल किए।

फ्रांस के फारवर्ड 19 वर्ष के कीलियन एम्बाप्पे अपना पहला विश्व कप खेल रहे थे और उन्होंने सात मैचों में चार गोल किए। इस वहज से वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ युवा खिलाड़ी चुने गए।

बेल्जियम के गोलकीपर थिबाउट कुर्टियोस को शानदार गोलकीपिंग के लिए गोल्डन ग्लव्स का पुरस्कार दिया गया। उन्होंने इस विश्व कप में सबसे ज्यादा 27 बचाव किए जिसके कारण वह इस पुरस्कार के हकदार बने। बेल्जियम की टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। उसने इंग्लैंड को मात देकर तीसरा स्थान हासिल किया।

मौजूदा समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मिडफील्डर माने जाने वाले क्रोएशिया के लुका मोड्रिक को गोल्डन बॉल का पुरस्कार प्रदान किया गया। मोड्रिक ने टूर्नामेंट के सात मैचों में तीन गोल किए।

पुरस्कार वितरण समारोह में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, फीफा के अध्यक्ष गियानी इन्फैंटिनो और क्रोएशिया की राष्ट्रपति कोलिंदा ग्रैबर मौजूद रहीं।

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