बॉलीवुड जगत की चुनौतियों को आसान करेगी यूपी में बनने वाली फिल्म सिटी: सीएम योगी 

फिल्म निर्माण से जुड़ी हस्तियों से उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना में सहयोग की अपील करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी फिल्म जगत की जरूरतों और चुनौतियों को आसान करेगी।

लखनऊ: फिल्म निर्माण से जुड़ी हस्तियों से उत्तर प्रदेश में फिल्म सिटी की स्थापना में सहयोग की अपील करते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में प्रस्तावित फिल्म सिटी फिल्म जगत की जरूरतों और चुनौतियों को आसान करेगी। मुबंई के दो दिवसीय दौरे के दूसरे और अंतिम दिन फिल्मी हस्तियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि फिल्म जगत से जुड़े तथा फिल्म निर्माण का व्यापक अनुभव रखने वाले निर्माता, निर्देशक, एक्टर, लेखक आदि सभी की सहभागिता विश्व स्तरीय फिल्म सिटी के निर्माण में सहायक होगी।

एक अच्छी फिल्म सिटी के निर्माण में सहयोग करके फिल्म जगत देश की कला, संस्कृति, विरासत को वैश्विक पटल पर स्थापित करने में सहभागी बने। उन्होने कहा कि वर्तमान समय की आवश्यकता है कि फिल्म जगत की जरूरतों और चुनौतियों का सामना सरकार और फिल्म जगत मिलकर करें। फिल्म जगत नेतृत्व करे और सरकार की सहयोगी भूमिका हो। इससे फिल्म निर्माण के लिए उपयोगी एवं सफल वातावरण बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि फिल्म सिटी को किस मोड पर विकसित किया जाए, इस पर चर्चा की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित फिल्म सिटी की लोकेशन बहुत अच्छी है। यह गौतमबुद्धनगर के जेवर में निर्माणाधीन एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट से मात्र छह किलोमीटर दूर स्थित है। यहां से दिल्ली तथा मथुरा एवं वृंदावन मात्र आधे घण्टे में पहुंचा जा सकता है।

फिल्म निर्माण के लिए सही वातावरण है उत्तर प्रदेश

आगरा की यहां से दूरी एक घण्टे से कम समय की है। फिल्म जगत को फिल्म निर्माण के लिए सुरक्षा सहित जैसा वातावरण चाहिए, वह उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है। राज्य में फिल्म निर्माण के लिये आवश्यक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी सहज सुलभ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश असीम सम्भावनाओं का प्रदेश है। राज्य में हर क्षेत्र में व्यापक अवसर हैं।

प्रयागराज कुम्भ-2019 की हुई चर्चा

‘प्रयागराज कुम्भ-2019’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भव्य एवं दिव्य कुम्भ के आयोजन ने वैश्विक पटल पर अपनी अमिट छाप छोड़ी। ‘प्रयागराज कुम्भ-2019’ अपनी स्वच्छता, सुरक्षा, सुव्यवस्था के लिए जाना गया। इसमें 24 करोड़ श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। प्रधानमंत्री की पहल पर यूनेस्को ने कुम्भ को ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर’ के रूप में मान्यता दी।

भगवान श्रीराम की संस्कृति से प्रभावित देश

उन्होने कहा कि अयोध्या में ‘दीपोत्सव’ का आयोजन दुनिया में एक यूनीक इवेन्ट के रूप में सामने आया है। इस आयोजन में दक्षिण कोरिया की फस्ट लेडी व फिजी की डिप्टी प्राइम मिनिस्टर प्रतिभाग कर चुकी हैं। भगवान श्रीराम की संस्कृति से प्रभावित देश इस कार्यक्रम के साथ जुड़ रहे हैं। तीन दिन पहले वाराणसी में आयोजित ‘देव दीपावली’ कार्यक्रम की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम कोविड-19 के प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए आयोजित किया गया।

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सांस्कृतिक विरासत प्रभावी ढंग से उत्तर प्रदेश में दिखायी देती है

इसमें प्रधानमंत्री भी सम्मिलित हुए। इस दिन वाराणसी के होटलों में सभी कमरे भरे हुए थे। यह आयोजन उत्तर प्रदेश में पर्यटन की सम्भावनाओं को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत सबसे प्रभावी ढंग से उत्तर प्रदेश में दिखायी देती है। श्रीराम जन्मभूमि, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बाबा विश्वनाथ का मन्दिर, गंगा और यमुना का संगम आदि उत्तर प्रदेश में हैं।

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यह फिल्म जगत के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है

इसके अलावा, ईको पर्यटन की दृष्टि से भी प्रदेश समृद्धशाली है। भारत-नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र, विंध्य क्षेत्र के जलप्रपात, सोनभद्र, मीरजापुर के जंगल, बुन्देलखण्ड का क्षेत्र प्राकृतिक सौन्दर्य से युक्त हैं। यह फिल्म जगत के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होने कहा कि उत्तर प्रदेश का कनेक्टिविटी की दृष्टि से विकास फिल्म सिटी के लिए उपयोगी है।

 

 

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