फिल्म निर्देशक मनमोहन महापात्र का निधन, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जताया शोक

उडि़या फिल्मों के प्रसिद्ध निर्माता-निर्देशक एवं लेखक मनमोहन महापात्र का सोमवार को यहां निधन हो गया। वह  69 वर्ष के थे। महापात्रा को क्या बीमारी थी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्र हैं। उन्हें कुछ दिन  पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज शाम उन्होंने अंतिम सांसे ली। मनमोहन को उनकी फिल्मों के लिए रिकार्ड आठ साल तक राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाजा गया। इन फिल्मों में ‘निशिता स्वप्ना’ , ‘माझी पहाचा’ , ‘क्लांता अपराहना’ ,  ‘नीरबा झादा , ‘सीता राति’ और ‘भिन्ना समाया’ शामिल है।

उनकी फिल्म ‘रजत कमल’ ने भी 1982 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता था और  यह फिल्म भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में ‘इंडियन पैनोरमा’ वर्ग  में चयनित हुई थी। मनमोहन के निधन की जानकारी मिलते ही बहुत सी फिल्मी हस्तियां उनके आवास पर पहुंची और उन्हें श्रद्धांजलि दी। महापात्रा के निधन पर ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी शोक व्यक्त किया। नवीन पटनायक ने शोक संदेश में कहा- ‘मैं महान फिल्ममेकर मनमोहन महापात्रा के निधन की खबर से बहुत दुखी हूं। सिनेमाजगत में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा।’

उड़िया फिल्मों के अलावा इन्होंने हिंदी फिल्म का भी निर्देशन किया। इस फिल्म का नाम ‘बिट्स एंड पीसेज’ है। इसमें नंदिता दास, राहुल बोस और दीया मिर्जा मुख्य भूमिका में थे। खास बात है कि मनमोहन महापात्रा ने रीजनल सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया। यहां तक कि कई फिल्मों को विदेशों में भी दिखाया गया।

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