स्वदेशी कोवाक्सिन का अंतिम ट्रायल अगले दो महीने में होगा पूरा, फरवरी से मिलने की उम्मीद

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को अपने बयान में कहा है कि तैयार हुई कोविड-19 वेक्सीन ‘कोवाक्सिन’ का फाइनल ट्रायल अगले एक या दो महीने तक पूरा हो जायेगा।

नई दिल्ली: नवंबर महीने में कोरोना संक्रमण का मामला एक बार फिर से बढ़ने लगा है वही खबर आ रही है कि स्वदेश में तैयार हुई कोविड-19 (कोरोना वायरस) वेक्सीन अगले साल फरवरी महीने में आम नागरिको का टीकाकरण हो सकेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने रविवार को अपने बयान में कहा है कि तैयार हुई कोविड-19 वेक्सीन ‘कोवाक्सिन’ का फाइनल ट्रायल अगले एक या दो महीने तक पूरा हो जायेगा। इससे दुनिया में दूसरी सबसे ज्यादा कोरोना महामारी से त्रस्त वाले देश में जल्द कोरोना वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना पूरी हो सकेगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एक वर्चुअल कांफ्रेंस करके एक बार फिर से बताया कि केंद्र सरकार ने अहले वर्ष जुलाई तक 20 से 25 करोड़ भारतीयों को वैक्सीन की डोज देने की योजना बनाई है। वही हर्ष वर्धन ने इससे पहले गुरुवार को बताया कि अगले तीन से चार महीने में वैक्सीन तैयार हो जाएगी। भारत बायोटेक कंपनी कोवाक्सिन विकसित कर रही है, कंपनी ने बताया कि अगले साल जून तक बाजार में वैक्सीन उपलब्ध होने की संभावना जताई है।

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कंपनी के क्वॉलिटी ऑपरेशंस के प्रमुख साई डी प्रसाद ने बताया कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन और दवा नियंत्रक ने सांस संबंधी रोग के टीके को 50 फीसदी प्रभावी रहने पर अनुमति दी थी। वही कंपनी ने कोवाक्सिन को 60 प्रतिशत तक असरदार बनाने का लक्ष्य बनाया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जानकारी देते हुए बताया कि कोरोना वायरस को कोई भी टीका 100 फीसदी राहत नहीं दे सकता है। वेक्सीन से अगर 50 फीसदी भी राहत मिलती है तो भी उस टीके को अनुमति दी जा सकती है। इससे कम असरदार रहने पर टीके को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।

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