वित्त मंत्री ने 15वें वित्त आयोग को दी मंजूरी, 2020 में होगा लागू

0

नई दिल्ली। मोदी सरकार की कैबिनेट ने 15वें वित्‍त आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। खबर मिली है कि आयोग की सिफारिशों के हिसाब से केंद्र और राज्यों के बीच केंद्रीय टैक्सेज से हुई कमाई का नए फॉर्मूले का बंटवारा पहली अप्रैल 2020 से लागू होगा।

http://puridunia.com/finance-minister…nance-commission/301282/केंद्र सरकार जरूर मानती है आयोग की सिफारिशें

सूत्रों से पता चला है कि संविधान की धारा 280(1) के तहत वित्त आयोग का गठन किया जाता है। ये एक जरूरी संवैधानिक प्रक्रिया है। केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशें जस-का-तस मानती है और उस हिसाब से अपनी कमाई का एक हिस्सा राज्यों के बीच बांटती है। नए आयोग का महत्व इस वजह से भी बढ़ जाता है कि ये नयी अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था, वस्तु व सेवा कर यानी जीएसटी लागू होने के बाद बंटवारे का फॉर्मूला देगा। फॉर्मूला पहली अप्रैल 2020 से लागू होकर 31 मार्च 2025 तक प्रभावी होगा।

2019 तक मिल सकेगी रिपोर्ट

ये परंपरा रही है कि पिछले वित्त आयोग के गठन की तारीख के पांच सालों के भीतर-भीतर नए आयोग का गठन किया जाता है। नये आयोग को अपनी रपट तैयार करने में दो साल तक का वक्त लगता है। इसी सब को ध्यान हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को 15 वें वित्त आयोग के गठन को मंजूरी दी। उम्मीद है कि 2019 तक ये अपनी रिपोर्ट दे देगी जिससे 2020 अप्रैल में इसे लागू करना संभव हो सके।

वित्‍त मंत्री ने दिया बयान

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों को नियुक्ति जल्द ही कर दी जाएगी। ये पूछे जाने पर कि क्या नया आयोग राज्यों को ज्यादा हिस्सा दिए जाने की सिफाऱिश कर सकता है, वित्त मंत्री का कहना था कि कि ये अभी किसी नतीजे का अनुमान लगाना ठीक नहीं। उन्होंने ये भी कहा कि भारत राज्यों का संघ है और संघ को अपना बजूद बनाए रखना है। मतलब ये कि केंद्र अभी 42 फीसदी कमाई राज्यों को दे रहा है, साथ ही जीएसटी लागू होने के बाद राज्यों को कर से आमदनी में नुकसान का पूरा-पूरा भरपाई पांच सालों तक करेगी, ऐसे में हिस्सेदारी बहुत ज्यादा बढ़ाए जाने की उम्मीद है।

loading...
शेयर करें