वित्त मंत्री: भारत और ब्रिटेन एक द्विपक्षीय सस्टेनेबल फाइनेंस फोरम की स्थापना को लेकर सहमत 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहले सत्र में कहा कि भारत-यूके के आर्थिक संबंध जरूरी हैं।

नयी दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को यूके-इंडिया पार्टनरशिप ऑन इन्फ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी एंड फाइनेंसिंग पर हस्ताक्षर किए। इससे भारत के राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन परियोजना को मदद मिलेगी।

10वें भारत-ब्रिटेन इकोनॉमिक एंड फाइनेंशियल डायलॉग के दौरान गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक (गिफ्ट) सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने को लेकर विकास को गति देने के लिए भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक करार हुआ।

श्रीमती सीतारमण ने पहले सत्र में कहा कि भारत-यूके के आर्थिक संबंध जरूरी हैं। दोनों देश दुनिया की शीर्ष 7 अर्थव्‍यवस्‍थाओं में शामिल हैं। मिलाकर देखे तों दोनों देशों की जीडीपी पांच लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस पर प्रतिक्रियाओं को लेकर अनुभव साझा करना दोनों देशों की नीतियों को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

वित्त मंत्री ने कहा कि भारत और ब्रिटेन एक द्विपक्षीय सस्टेनेबल फाइनेंस फोरम की स्थापना को लेकर सहमत हुए हैं। भारत का 1.4 लाख करोड़ डॉलर का राष्ट्रीय इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन और सिटी ऑफ लंदन सतत वित्त के प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस साझेदारी से प्रोजेक्ट प्रिपरेशन सपोर्ट फैसिलिटी कम सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर पीपीपी प्रोजेक्ट्स की स्थापना में मदद मिल रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और कोलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इन्फ्रास्ट्रक्चर के जरिए भारत और ब्रिटेन के बीच सहयोग बढ़ा है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यूके रिसर्च एंड इनोवेशन और इंडियन काउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च ने ब्रिटेन-भारत व्यापार और निवेश के भविष्य को लेकर 26 लाख यूरो का संकल्प जाहिर किया है।

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