फ़िनलैंड की synthetic Coffee से पर्यावरण होगा बेहतर

लखनऊ : फिनलैंड के वीटीटी टेक्निकल रिसर्च सेंटर के वैज्ञानिक लैब में एक ऐसी synthetic Coffee तैयार कर रहे हैं, जिसका रेगुलर कॉफी की तुलना में जलवायु पर बहुत कम प्रभाव पड़ेगा।

synthetic Coffee होगी ईको फ्रेंडली

हालांकि, लैब में कॉफी उगाने से इथियोपिया जैसे देशों में लाखों श्रमिकों की आजीविका प्रभावित हो सकती है, जहां पारंपरिक कॉफी अर्थव्यवस्था में आय का मुख्य स्रोत है।

फिनलैंड के वैज्ञानिकों ने सेल कल्चर्स टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके यह कॉफी बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, दावा किया जा रहा है कि लैब में तैयार की गई इस कॉफी का स्वाद और गंध दोनों ही असली कॉफी की तरह है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस टेक्नोलॉजी के जरिए कॉफी बीन्स की खेती किए बिना ही कॉफी तैयार की जा सकती है। यह तकनीक पर्यावरण के लिए कम नुकसानदायक है।

आपको बता दें दुनिया भर में सालाना लगभग दस अरब किलोग्राम कॉफी का उत्पादन होता है। जलवायु संकट के कारण 2050 तक कॉफी उगाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली आधी जमीन अनुत्पादक हो जाने का अनुमान है। वैज्ञानिकों का कहना है कि सेल कल्चर्स टेक्नोलॉजी बड़े काम की टेक है और इसके जरिए दूध, मीट वगैरह यानी जानवरों से मिलने वाले विभिन्न उत्पाद भी तैयार किए जा सकते हैं।

यह भी पढ़ें : Reliance Jio ने इस तिमाही कमाए 18735 करोड़ रुपए

Related Articles