किसानों पर दर्ज FIR तुरंत वापस ली जाएं, गिरफ्तार किसान तुरंत रिहा करे: कुमारी सैलजा

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि विरोधी कानूनों को लेकर मन की बात में की गई बातों को खोखला करार दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किसानों से बातचीत के लिए जो शर्त रखी गई है

चंडीगढ़: हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने भाजपा-जजपा सरकार से प्रदेश में दस हजार से ज्यादा किसानों पर दर्ज एफआईआर तुरंत वापस लेने और गिरफ्तार किसानों को तुरंत रिहा करने की मांग की है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कृषि विरोधी कानूनों को लेकर मन की बात में की गई बातों को खोखला करार दिया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा किसानों से बातचीत के लिए जो शर्त रखी गई है, उससे प्रतीत होता है कि केंद्र की भाजपा सरकार की नीयत में खोट है।

कुमारी सैलजा ने आज जारी बयान में कहा कि सरकार द्वारा पहले कृषि विरोधी कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसानों पर ठंड में पानी की बौछार की गईं, किसानों पर आँसू गैस के गोले दागे गए, उन पर लाठीचार्ज किया गया। किसानों पर अत्याचार किए जाने के बाद अब उन्हीं किसानों पर एफआईआर दर्ज कर दी गई है। केंद्र तथा प्रदेश सरकार किसानों को पूरी तरह से कुचलने पर तुली हुई है। हमारे अन्नदाता जो अपने हक के लिए इन कृषि विरोधी काले कानूनों के खिलाफ संघर्षरत हैं, उनपर एफआईआर दर्ज करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार की नीयत में शुरूआत से ही खोट रहा है। यही कारण है कि पहले इस सरकार द्वारा तरह-तरह के अत्याचार कर किसान आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, तरह-तरह के ओछे हाथकंडे अपनाए गए। लेकिन सरकार इसमें असफल साबित हुई। अब अमित शाह द्वारा किसानों से बातचीत के लिए शर्त रखना बताता है कि इस सरकार की किसानों से बातचीत की मंशा ही नहीं है सरकार इन कानूनों के जरिए अपने पूंजीपति मित्रों को फायदा पहुंचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।

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