श्रीनगर से हज यात्रा की पहली उड़ान मदीना के लिए रवाना, जानिए हज यात्रा क्या है?

0

श्रीनगर। सऊदी अरब के लिए मंगलवार को 420 तीर्थयात्रियों के साथ हज के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। हज के लिए पहली उड़ान सुबह नौ बजे के लिए निर्धारित थी, लेकिन इसमें विलंब हो गया और यह सऊदी अरब में स्थित मदीना के लिए सुबह 10.05 बजे रवाना हुई।

यह भी पढ़ें : हज यात्रा को लेकर ईरान और सऊदी अरब बातचीत करेंगे

हज

महबूबा मुफ्ती यात्रियों की रवानगी के दौरान श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मौजूद रहीं

मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और हज एवं औकाफ मंत्री फारुक अंद्राबी यात्रियों की रवानगी के दौरान श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर मौजूद थे। महबूबा ने तीर्थयात्रियों से जम्मू एवं कश्मीर में शांति व समृद्धि की दुआ करने का आग्रह किया। 420 यात्रियों के साथ श्रीनगर से मदीना के लिए दूसरी सीधी उड़ान मंगलवार सुबह 11.35 बजे की थी।

कश्मीर से 8,106 तीर्थयात्रियों की पवित्र मुस्लिम तीर्थयात्रा हज करने की योजना है

अधिकारियों का कहना है कि 840 तीर्थयात्रियों को जम्मू-कश्मीर से सऊदी अरब ले जाने वाली दो सीधी उड़ानें मंगलवार से 5 अगस्त तक रोजाना संचालित होंगी। इस साल जम्मू और कश्मीर से 8,106 तीर्थयात्रियों की पवित्र मुस्लिम तीर्थयात्रा हज करने की योजना है। प्रत्येक उड़ान में तीर्थयात्रियों के साथ हज समिति द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित दो सहायक भी भेजे गए हैं।

यह भी पढ़ें : जानें क्या है अमरनाथ यात्रा और इसका पौराणिक महत्व

हज

जानिए हज यात्रा क्या है?

इस्लाम में धर्म के प्रति निष्ठा एवं गहरी भावना तो देखने को मिलती ही है, लेकिन साथ ही यह धर्म अपने नियम एवं कानूनों के लिए भी जाना जाता है। यहां इबादत करने के भी नियम हैं, जिसे हर एक मुसलमान के लिए मानना जरूरी है। यह उसके लिए अपने धर्म के प्रति पालन करना है। हजयात्रा को भी इस्लाम के विभिन्न नियमों में से एक कहा जा सकता है, यदि आप गहराई से जानेंगे तो यह पाएंगे कि हजयात्रा इस्लाम के विभिन्न महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक है।

यह भी पढ़ें : पवित्र मक्का में हज के दौरान हुआ इस एक्ट्रेस का यौन उत्पीड़न, वीडियो वायरल

हज

इसे मुसलमान अपनी इबादत का माध्यम मानते हैं, यानि कि अल्लाह की मेहर पाने के लिए हजयात्रा बेहद जरूरी है। पूरी दुनिया से हज अदा करने के लिए मुसलमान मक्का में एकत्र होते हैं। मक्का यानि केंद्र। मक्का शहर दुनिया के मध्य में स्थापित है। यही कारण है कि चारों दिशाओं के मुसलमान हाजिर हूं, ऐ अल्लाह मैं हाजिर हूं, कहते हुए उसके दरबार में पहुंचते हैं।

loading...
शेयर करें