पहले प्रचार और अब पाठ

            

प्रचार पर लगी रोक

मायावती और योगि आदित्यनाथ के मुसलमान और बजरंबली वाले बयान पर चुनावी आयोग ने अप्रत्याशित फैसला सुनाया है। फेसले में चुनावी आयोग ने दोनो नोताओं को चुनाव प्राचार करने पर रोक लगा दी है। आयोग ने मायावती पर 48 घंटे और आदित्यनाथ पर 72 घंटे प्रचार न करने की रोक लगाई है। यह रोक16 अप्रैल से शुरु होगी।

 

 

प्रचार बन्द होने पर किया पाठ

चुनाव आयोग के प्रचार पर रोक लगाने के बाद योगी आदित्यनाथ ने नाया तरीका  निकाला है। अब प्रचार बन्द होने के बाद वो मंदिर में हनुमान चाहीसा का पाठ करने पहुंच गए। योगी आदित्यनाथ सुबह 9 बजे लखनऊ के हनुमान सेतू मंदिर पहुंचे। वहां पर उन्होने हनुमान चालीसा का पाठ 10-15 में खत्म किया और वहां से किसे से बिना बोले रवाना हो गए। क्योेंकि प्रचार पर रोक लगाने से वो प्रचार नहीं कर सकते लेकिन मंदिर जरूर जा सकते हैं।

न होगी रैली न इन्टरव्यू

दोनो नोताओं के धर्म पर बयान देने से चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है। रोक लगाने से मायावती 48 घंटे यानी 16 अप्रैल और 17 अप्रैल तक कोई भी रैली और इंचरव्यू नहीं कर पाईंगी और दूसरी तरफ योगी आदित्यनाथ के उपर 72 घंटे की रोक लगी है जिसमें वो 16,17,18 अप्रैल तक कोई भी रैली और ईंटरव्यू नहीं कर पाएंगे। बस इतना ही नहीं वो कोई सोशल मीडिया का भी इस्तमाल नही कर पाएंगे।

 कई नेताओं पर लगी रोक

लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार के दौरान बढ़ती बदजुबानी के बीच चुनाव आयोग ने सख्त तेवर अपनाए हैं और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई बड़े नेताओं पर आचार संहिता के उल्लंघन के कारण उनके चुनाव प्रचार के लिए 72 घंटों का प्रतिबंध लगा दिया है।

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