पहला थ्रीडी ( 3D ) मास्क, कोरोना संक्रमण से कितना बचने में सक्छम

अहा थ्रीडी कंपनी ने कोरोना से बचाव के लिए ऐसा मास्क बनाया है जो की संक्रमण से 99.9 फीसदी बचाएगा।

जयपुर: कोरोना के बेहतरीन उपचार को लेकर जयपुर ( Jaipur ) के सवाई मान सिंह अस्पताल के चिकित्सकों एवं एमएनआईटी के सहयोग से अहा थ्रीडी कंपनी ने कोरोना से बचाव के लिए ऐसा मास्क बनाया है जो की संक्रमण से 99.9 फीसदी बचाएगा।

थ्रीडी ने हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जरी विभाग के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. विरेंद्र डी सिन्हा एवं एमएनआईटी ( MNIT ) के डायरेक्टर प्रो.यारागट्टी के सहयोग से थ्रीडी तकनीक युक्त देश का पहला मास्क बनाया है। खास बात ये है कि इस मास्क का विकास एवं निर्माण पूर्णतया जयपुर में हुआ है।

कंपनी के निदेशक आकाश ने बताया कि 40 ग्राम वजनी यह मास्क पूर्णतया ट्रांसपेरेंट              ( Transparent ) है, जो कि नरम एवं लचीला, मेडिकल कम्पाउड से बना है। दिखने में आकर्षक थ्रीडी मास्क सांस लेने में आसान है। प्रीमियम रीयुजेबल रेसपिरेटर थ्रीडी मास्क में रिप्लेसेबल फिल्टर कन्सेप्ट है।

इसके बाद मार्केट से केवल फिल्टर खरीद कर इसमें इस्तेमाल किए जा सकते हैं यानी यह आपका मास्क सदा के लिए है। इसका इस्तेमाल महीनों नहीं बल्कि सालों तक किया जा सकता है। एमएनआईटी जयपुर की एलुमनाई सारथी टैक्नोलॉजीज़ की ओर से सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों के लिए 500 मास्क कॉलेज प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी को सौंपे गए।

इसके अलावा जयपुर ट्रेफिक पुलिस को भी दो सौ थ्रीडी मास्क एसोसिएशन ( 3D Mask Association ) की ओर से दिए गए हैं। सारथी टेक्नोलॉजीज एवं अहा थ्रीडी एमएनआईटी ( Aha 3D MNIT ) के एलुमनाई एसोसिएशन का हिस्सा हैं।

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