पहली बार पाकिस्तान की सेना में दिखा सिख जवान, बजीं तालियां

sikh-pakistani-ranger-aj-singhलाहौर। पाकिस्‍तान में कुछ ऐसा हुआ जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। पाकिस्तान में कल एक इतिहास रचा गया। वाघा बार्डर की रोजाना होने वाली बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में लोगों को एक बदलाव तब देखने को मिला जब पाकिस्तान की ओर से जवानों में एक सिख जवान ने हिस्‍सा लिया। यह जवान जब गुरुवार शाम नजर आया तो दोनों तरफ के लोगों ने जोरदार तालियां बजाईं। बीटिंग रिट्रीट में पाकिस्तान की तरफ से शामिल इस जवान का नाम अमरजीत सिंह है। अमरजीत गुरुनगरी ननकाना साहिब के रहने वाले हैं। उन्होंने इसी साल ट्रेनिंग पूरी की है। अमरजीत 2009 से पाकिस्तान रेंजर्स में हैं।

जवानों के बीच एक सिख जवान

वाघा अमृतसर और लाहौर के बीच ग्रैंड ट्रंक रोड पर स्थित एक गांव है जहां से दोनों मुल्कों की सीमा गुजरती है। जमीन के रास्ते दोनों मुल्कों की सीमा पार करने यह वैध रास्ता है। वाघा बार्डर अमृतसर से 32 किलोमीटर की दूरी पर है यहां से लाहौर 22 किलोमीटर दूर है। पाक की ओर से ऐसा पहली बार किया गया जब वाघा बार्डर पर होने वाली बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी में जवानों के बीच एक सिख जवान देखने को मिला।

sikh-pakistani-rangerक्‍यों होती है बीटिंग द रिट्रीट

वाघा बॉर्डर पर 1959 से बीटिंग द रिट्रीट की शुरुआत हुई थी। इसका गवाह बनने के लिए दोनों देशों के हजारों लोग हर रोज जुटते हैं। यह वाघा बार्डर पर हर शाम दोनों देशों के झंडे उतारने का प्रोग्राम होता है। 1965 और 1971 में भारत-पाक की जंग के दौरान यह रिट्रीट नहीं हुई थी। बंटवारे के बाद से सालों से तनावभरे माहौल के बीच भी इस दोस्ती को बीटिंग रिट्रीट के जरिए जाहिर किया जाता है। यह सेरेमनी करीब 156 सेकंड चलती है। इस दौरान, दोनों देशों के जवान मार्च करते हुए बॉर्डर तक आते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button