करें इन 11 परंपराओं का पालन, पड़ेगा अच्छा प्रभाव

नई दिल्ली। हिन्दू धर्म में बहुत से परम्पराए होती है, भारत परंपराओं का देश मन जाता है। सदियों से हम सभी इन परंपराओं का पालन करते हुए चले आ रहे है, इन्ही परंपराओं कि वजह से भारत का दुनिया भर में एक अलग आकर्षण है। परंपराओं का मतलब अंधविश्वास नहीं होता, कुछ लोगों ने हमारी परंपराओं को अंधविश्वास का नाम दे दिया है, वही कुछ लोग इन्हें अच्छे से निभा रहे हैं। ऐसी कई मान्यताएं है जिनका लोग आज भी पालन करते हुए चले आ रहे है ,ये मान्यताएं तो धर्म से जुड़ी ही है साथ इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है।

माथे पर तिलक लगाने की परंपरा
भारतीय परंपरा में चाहे महिला हो या पुरुष माथे पर तिल जरूर लगाते हैं। धार्मिक नजरिए से माथे पर तिलक लगाने से भगवान का आशीर्वाद मिलता है। वहीं वैज्ञानिक नजरिए की बात की जाए तो  दोनों आंखों के बीज में आज्ञा चक्र होता है। इस आज्ञा चक्र पर टीका लगाने पर हमारी एकाग्रता बढ़ती है। माथे पर तिलक लगाते समय उंगली का जो दबाव माथे पर बनता है उससे नसों का रक्त संचार काबू में रहता है।

जमीन पर पालथी मारकर भोजन करना
भारतीय परंपरा में आज भी अधिकतर घरों में जमीन पर बैठकर भोजन करने की परंपरा है। जमीन पर पालथी मारकर भोजन करने से पाचन तंत्र ठीक रहता है। जमीन पर बैठकर खाना खाने से मन शांत रहता है।

दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करने की पंरपरा
भारतीय परंपरा में एक दूसरे का अभिवादन करते समय हाथ की दोनों हथेलियों को जोड़कर नमस्कार किया जाता है। इसका वैज्ञानिक तर्क यह है कि जब हम एक दूसरों को नमस्ते करते है तो उस समय सभी  उंगलियां आपस में एक दूसरे के संपर्क में आती हैं जिनसे उन पर दबाव पड़ता है। उंगलियों की नसों का संबंध शरीर के सभी प्रमुख अंगों से होता है। इस कारण उंगलियों पर दबाव पड़ता है जिसका सीधा असर हमारी आंखों, कानों और दिमाग पर होता है।

एक गोत्र में शादी न करने की परंपरा
भारतीय समाज में एक गोत्र में लड़का या लड़की की शादी नही की जाती है। एक गोत्र में विवाह करने से तमाम तरह की बीमारियों की संभावना अधिक रहती है। यह बात कई शोधों में भी सिद्ध हो  चुकी है। व्यक्ति को जेनेटिक बीमारी न हो इसके लिए एक इलाज है सेपरेशन ऑफ़ जींस यानी अपने नजदीकी रिश्तेदारो में विवाह नहीं करना चाहिए।

दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोना
शास्त्रों में दक्षिण दिशा की ओर पैर कर सोने को अशुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि दक्षिण दिशा की तरफ पैर करके सोने पर बुरे और डरावने सपने आते हैं। इसलिए हमारे शास्त्रों में उत्तर दिशा की तरफ पैर करके सोने को बताया गया है।  जब हम उत्तर दिशा की ओर सिर करके सोते हैं, तब हमारा शरीर पृथ्वी की चुंबकीय तरंगों की सीध में आ जाता है। जिससे हमारा शरीर प्रवाहित होने लगता है।

सूर्य की पूजा करना
हमारे शास्त्रों और ज्योतिष में सूर्य को प्रमुख स्थान प्राप्त है। शास्त्रों में सूर्य को जल चढ़ाने से घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान मिलता है। कुंडली में सूर्य के अशुभ फल खत्म होते हैं। वहीं सूर्य को सुबह जल देने के वैज्ञानिक कारण भी है। जल चढ़ाते समय पानी से आने वाली सूर्य की किरणें, जब आंखों हमारी में पहुंचती हैं तो आंखों की रोशनी अच्छी होती है। साथ ही, सुबह-सुबह की धूप भी हमारी त्वचा के लिए फायदेमंद होती है।

चोटी रखना
आज भी कई लोग अपने सिर पर चोटी रखते हैं। इसके बारे में ऐसी मान्यता है कि जिस जगह पर चोटी रखी जाती है उस जगह दिमाग की सारी नसों को केंद्र बिन्दु होता है। इस स्थान पर चोटी रखने  से दिमाग का संतुलन बेहतर रहता है। एकाग्रता बढ़ती है जिससे मानसिक क्षमता बढ़ती है।

व्रत रखने की परंपरा
हिन्दू परंपरा में व्रत रखा जाता है। विज्ञान के अनुसार व्रत रखने से पाचन क्रिया अच्छी रखती है। शोधकर्ताओं के अनुसार व्रत करने से कैंसर, हृदय संबंधी, मधुमेह आदि रोग होने की संभावनाएं भी कम रहती हैं।

चरण स्पर्श करना 
भारतीय परंपरा में सदियों से चरण स्पर्श करने की परंपरा चली आ रही है। ऐसी मान्यता है कि मस्तिष्क से निकलने वाली ऊर्जा हमारे हाथों से सामने वाले पैरों तक पहुंचती है और बड़े व्यक्ति के पैरों से होते हुए उसके हाथों तक पहुंचती है। आशीर्वाद देते समय व्यक्ति चरण छूने वाले के सिर पर अपना हाथ रखता है, इससे हाथों से वह ऊर्जा पुन: हमारे मस्तिष्क तक पहुंचती है। इससे ऊर्जा का एक चक्र पूरा होता है।

सिंदूर लगाना
शादी होने के बाद माथे पर सिंदूर लगाने की परंपरा है। सिंदूर में हल्दी, चूना और मरकरी होता है। इन तीनों का मिश्रण से शरीर के ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। इससे मानसिक तनाव भी कम होता है।

तुलसी के पौधे का महत्व
तुलसी के पौधे में कई तरह की औषधि गुण होते हैं और घर पर तुलसी की पूजा करने से सुख-समृद्धि आती है।   तुलसी के संपर्क से हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यदि घर में तुलसी होगी तो इसकी पत्तियों का इस्तेमाल भी होगा और उससे कई बीमारियां दूर रहती हैं।

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