ढूंढ रहे थे शुद्धता, मिला सबकुछ मिलावटी

aldultrationकानपुर। शहर में खाने पीने का सामान शुद्ध नहीं मिल रहा है। तलाश के लिए 20 नमूने भी लिए गए। जिनमें 17 की रिपोर्ट भी आ चुकी है। ताज्जुब होगा कि सभी 17 नमूने फेल पाये गए हैं। इनमें खुले बिकने वाले सामानों के साथ मैगी जैसे ब्रांड भी शामिल हैं। जिससे शहरियों के सामने मुश्किल खड़ी हो गई है कि क्या खाये या किससे दूर रहें।

शहर में करीब तीन माह पहले एफएसडीए की टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापा मारकर 20 नमूने सील किये थे। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया कि सील नमूनों को जाँच के लिए मेरठ स्थित विभाग की प्रयोगशाला भेजा गया था। इनमें 17 की रिपोर्ट आ गई है। सभी नमूने फेल हो गए हैं। किसी में मिलावट तो किसी में मानकों की कमी पाई गई है।

इन नमूनों में दूध, रबड़ी, नमकीन के साथ साथ मैगी जैसे ब्रांड भी शामिल है। जो मानक के विपरीत सब स्टैंडर्ड निकला है। इस सम्बन्ध में एडीएम सिटी का कहना है कि खाने पीने की जिन सामग्रियों का सैम्पल फेल हुआ है, उन सभी विक्रेताओं को नोटिस देकर कार्यवाही की जा रही है।

फुटपाथ में बिकती है बीमारी

शहर में फुटपाथों पर खाने की चीजें धूल मिटटी के बीच बेंची जाती हैं। एक तो विभाग इन्हें नजरंदाज तो करता ही है। वहीं मानक का भी कोई ठिकाना नहीं होता। रही कसर सड़क की उड़ने वाली धूल व मक्खियाँ पूरी कर देती हैं। जो खाने वाले को सीधे बिमारी बांटती हैं, लेकिन कभी भी विभाग इनकी ओर ध्यान नहीं देता।

सभी फेल तो पास किसे मानें

खाद्य विभाग ने पूरे शहर में मात्र 20 नमूने भरे। जिनमे आई सभी रिपोर्ट फेल पाई गई। इतने बड़े महानगर में शहरियों के लिए यह जानना बड़ा मुश्किल है कि कौन सी चीज मानक में खरी है। जिससे अनजाने में उन्हें चीजें खरीदनी पड़ रही हैं। जो उनकी सेहत को कब और कितना नुकसान पहुंचा रही है।

इनके नमूने हुए फेल

. डायमण्ड प्रोडक्ट्स का ग्लोब्यूल्स
. प्रोपिन प्रोडक्ट का टॉड मिल्क
. संतोष कुमार प्रजापति का डुप्लीकेट पान मसाला
. परदेवनपुरवा के अलीशेर का मिश्रित दूध
. हनुमान दुग्ध भण्डार कृष्णा नगर का पनीर
. रबड़ी भण्डार परेड की मिठाई

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button