हर चीज के लिए खुद को जिम्मेदार मानना करें बंद, हो सकते हैं इस बीमारी के शिकार

 जो लोग हर काम के लिए खुद को ही जिम्मेदार मानते हैं, उन्हें चीजों को थोड़ा हल्का में लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर वे ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (ओसीडी) या जर्नेलाइज्ड एंजाइटी डिसऑर्डर के (जीएडी) शिकार हो जाते है।

चिंता और ओसीडी जैसा व्यवहार आम लोगों में सामान्य तौर पर पाए जाते हैं, जैसे दरवाजा बंद होने पर भी उसे चेक करना कि वह बंद है या नहीं। बार-बार हाथ धोना, या किसी जगह की बार-बार सफाई करना। हालांकि, इस तरह के व्यवहार या भावनाएं कितनी बार आती हैं और कितनी तीव्रता से होती है, इस आधार पर तय होता है कि यह आपके चरित्र की विशेषता है या विकार का रूप ले चुका है।

जापान में हिरोशिमा विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर और अध्ययन के सह-लेखक योशिनिया सुगियुरा ने कहा कि ओसीडी वाले लोगों को नकारात्मक सोच के कारण बार-बार प्रताड़ित होते हैं और वे इसे रोकने के लिए कुछ रणनीति अपनाते हैं। वहीं, जीएडी बहुत ही व्यापक स्तर से फैली चिंता का एक प्रकार है, जिसमें रोगी हर चीज के बारे में सोचता रहता है।

एंजाइटी एंड डिप्रेशन एसोसिएशन ऑफ अमेरिका के अनुसार, देश में हर साल 4 करोड़ लोग इससे प्रभावित होते हैं। OCD एक चिंता विकार है जो जुनून का कारण बनता है। आपके मन में बार-बार अवांछित विचार आते हैं और चिंता को कम करने के लिए आप बार-बार उन कामों को दोहराते हैं, जो जुनून बन जाते हैं।

इस शोध दल का लक्ष्य इन विकारों का एक सामान्य कारण खोजना और उनके पीछे के सिद्धांतों को सरल बनाना था। अनुसंधान समूह ने OCD और GAD का अध्ययन करने के लिए संयुक्त परीक्षणों का उपयोग किया क्योंकि पिछले अध्ययन में इन परीक्षणों की तुलना में कोई पिछला काम नहीं था।

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