यूपी बोर्ड के 100 साल के इतिहास में पहली बार 10वीं और 12वीं की परिक्षाएं हुई रद्द

CBSE की कक्षा 12 की परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के डेप्युटी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी।

लखनऊ: CBSE की कक्षा 12 की परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अब यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश के डेप्युटी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जानकारी दी। डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि यूपी बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए हमने तैयारियां कर ली थीं। हाई स्कूल बोर्ड की परीक्षाएं पहले ही रद्द कर दी गई थीं। ऑनलाइन टीचिंग को देखते हुए पेपर सेटिंग में 30 फीसदी कम कोर्स लेकर बोर्ड के पेपर तैयार किए गए थे।

11वीं के नंबरों के हिसाब से तैयार होगा रिजल्ट

हाई स्कूल के फॉर्म्युले पर ही इंटरमीडिए़ड बोर्ड के परीक्षार्थियों को नंबर दिए जाएंगे। मतलब परीक्षार्थियों को जिस तरह से 11वीं में नंबर मिले हैं। उसी आधार पर इंटर का भी रिजल्ट तैयार किया जाएगा।

कोरोना महामारी के चलते लिया गया फैसला

डेप्युटी सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री ने सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं रद्द करने की पहले ही घोषणा कर दी थी। अब यूपी में बैठक के बाद इंटरमीडिएट परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं क्योंकि कोरोना संक्रमण पूरी को पूरी तरह से जाने में समय लग सकता है।

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56 लाख से ज्यादा छात्रों को देनी थी परीक्षा

विश्व का सबसे पड़ा बोर्ड है। 100 साल का इतिहास है। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बोर्ड परीक्षाएं रद्द की गई हैं। डेप्युटी सीएम ने बताया कि बोर्ड में पहेल 60 लाख परीक्षार्थी शामिल होते थे। इस बार 56 लाख से ज्यादा परीक्षार्थियों ने बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था।

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