दुनिया में पहली बार दुमंजिला मालगाड़ी का परिचालन, राष्ट्र को किया गया समर्पित

पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी का निर्माण जून 2022 तक पूरा होना है। पहले इसे दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी समर्पित मालवहन गलियारे ( DFC ) का न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड को राष्ट्र को समर्पित किया है। पश्चिमी डीएफसी में राष्ट्र को समर्पित किया जाने वाला यह पहला खंड है। इसकी लंबाई 306 किलोमीटर है। इस मौके पर एक वर्चुअल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने डेढ़ किलोमीटर की दुमंजिला मालगाड़ी को भी हरी झंडी दिखाकर न्यू अटेली से न्यू किशनगढ़ के लिए रवाना किया।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 दिसंबर को पूर्वी डीएफसी का 351 किलोमीटर लंबा न्यू भावपुर-न्यू खुर्जा खंड राष्ट्र को समर्पित किया था। न्यू रेवाड़ी-न्यू मदार खंड का 79 किलोमीटर हरियाणा के रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिलों में है जबकि शेष 227 किलोमीटर राजस्थान के अजमेर, सीकर, नागपुर और अलवर जिलों में है। इस खंड में 9 नये रेलवे स्टेशन हैं जिन्हें डीएफसी के लिए बनाया गया है। दुनिया में पहली बार दुमंजिला मालगाड़ी का परिचालन किया गया है। इसमें एक के ऊपर एक कंटेनर रखे गये हैं जिससे गाड़ियों की मालवहन क्षमता दुगुनी हो गई है।

पूर्वी और पश्चिमी डीएफसी का निर्माण जून 2022 तक पूरा होना है। पहले इसे दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन कोविड-19 के दौरान काम बाधित होने से अब निर्माण की समय सीमा बढ़ा दी गई है। इस पर मालगाड़ियों की अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। देश में अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से मालगाड़ियाँ चल रही थी, लेकिन पूर्वी डीएफसी के न्यू भावपुर-न्यू खुर्जा खंड के उद्घाटन के बाद से वहाँ लगातार गाड़ियों की अधिकतम गति सीमा 90 किलोमीटर प्रति घंटे से ऊपर रह रही है। डीएफसी परियोजना पूरी होने के बाद मालगाड़ियों की औसत गति भी 26 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 75 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी।

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