इस वजह से महिला पुलिसकर्मी ने लगाई फांसी

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नई दिल्ली। बेशक प्रदेश में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और न जाने कितनी स्कीमें चलाकर महिलाओं को सम्मान देने की बात की जा रही है लेकिन प्रदेश की इस आधी आबादी पर अत्याचार, जुर्म, रेप जैसे मामलों की संख्या में निरंतर वृद्धि ही हो रही है। महिलाओं के साथ हो रहे इन अत्याचारों में हमारा अपना समाज ही जिम्मेदार है।बता दे कि हमारे देश मे महिलाओं के प्रति अपराध रोकने की जिम्मेदारी संभालने वाली प्रदेश पुलिस में महिलाएं ही सुरक्षित नहीं हैं। तो औरो के बारे में क्या कहे, हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुन्कर आप यही सोच में पड़ जाएंगे कि किस पर यकीन करे किस पर न करे। दरअसल, बांदा में महिला सिपाही ने अपने ही सहयोगियों से परेशान होकर फांसी लगा ली।

महिला पुलिसकर्मी के परिवारीजन का आरोप है कि थानाध्यक्ष ने ही बेटी की हत्या करवाने के बाद मामले को आत्महत्या का रूप देने को शव को फांसी पर लटकवा दिया। मृतका सिपाही नीतू के पिता अनिल कुमार शुक्ला भी हरदोई में दारोगा के पद पर कार्यरत हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी के शरीर के बाहरी अंगों पर चोट के निशान पाए गए हैं। इसके साथ ही सुसाइड नोट में लड़की ने चार सिपाहियों पर घोर उत्पीडऩ करने का जिक्र है, जिससे यह आत्महत्या का मामला संदिग्ध लग रहा है।

सूत्रों के मुताबिक मामले की जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट के साथ-साथ नीतू के सुसाइड नोट की जांच भी की जा रही है। उसी के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी, एसपी आनंद ने बताया कि घटना की सूचना डीजीपी कार्यालय लखनऊ को भी भेज दी गई है,

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