कोरोना काल मे फोर्ड मोटर कंपनी का हुआ भारी नुकसान, कारों की बिक्री को लेकर लिया फैसला

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल कंपनियों में शामिल फोर्ड मोटर कंपनी ने भारत में अपने दोनों मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को बंद करने का फैसला किया है। कंपनी की भारतीय यूनिट देश में बिक्री के लिए व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग अब बंद करेगी। इससे पहले अमेरिका की जनरल मोटर्स ने भी 2017 में देश में कारों की बिक्री बंद की थी।

फोर्ड की लोकल यूनिट घाटे में चल रही थी और कोरोना के कारण हुई मुश्किलों से इसका नुकसान बढ़ा था। कंपनी जुलाई तक अपनी 4,50,000 यूनिट्स की इंस्टॉल्ड कैपेसिटी के लगभग 20 प्रतिशत पर ही चल रही थी। फोर्ड ने 1990 के दशक में भारत में बिजनेस की शुरुआत की थी। हालांकि, दो दशक से अधिक की मौजूदगी के बाद भी यह सफल नहीं हो सकी।

इसका मार्केट शेयर केवल 1.57 प्रतिशत का था। यह देश की कार कंपनियों में नौवें स्थान पर थी। भारत में कंपनी फिगो, एस्पायर, फ्रीस्टाइल, इकोस्पोर्ट और एंडेवर मॉडल्स बेचती है। इनकी प्राइस रेंज 7.75 लाख रुपये से 33.81 लाख रुपये की है। फोर्ड ने एसयूवी सेगमेंट में बड़ी हिस्सेदारी रखने वाली महिंद्रा एंड महिंद्रा के साथ कुछ वर्ष पहले पार्टनरशिप करने की थी लेकिन इस वर्ष की शुरुआत में दोनों कंपनियों ने इसे तोड़ने का फैसला किया।

महिंद्रा एंड महिंद्रा को इस ज्वाइंट वेंचर में लगभग 1,400 करोड़ रुपये का निवेश करना था लेकिन कंपनी ने इसे अपने इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के प्रोजेक्ट में लगा दिया है।

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