राज्य की सबसे बड़ी परियोजना ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ के निर्माण में विदेशी कम्पनियाें ने भी दिखाई दिलचस्पी

लखनऊ : उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में मेरठ से प्रयागराज (Meerut to Prayagraj) के बीच प्रस्तावित 36 हजार करोड़ रूपये से अधिक लागत वाली गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Express Way) परियोजना के लिये 11 कंपनियों ने दिलचस्पी जाहिर की है। इनमें दो विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं।

यूपीडा (Uttar Pradesh Expressways Industrial Development Authority) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग अवनीश कुमार अवस्थी (Avnish Kumar Awasthi) की अध्यक्षता में शुक्रवार को निविदा मूल्यांकन समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। जिसमें पीपीपी मोड के अन्तर्गत डीबीएफओटी के आधार पर गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Express Way)  परियोजना का विकास के लिये 11 कम्पनियों के रुचि की अभिव्यक्ति अभिलेख (ईओआई) प्रस्ताव प्राप्त हुए।

मलेशिया और दक्षिण कोरिया की कंपनी ने भी शामिल

इस बैठक में मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे (Ganga Express Way) परियोजना के निर्माण से संबंधित गंगा एक्सप्रेस-वे के पीपीपी मोड (Public-private partnership) के अन्तर्गत डिजाइन, बिड, फाइनेन्स, ऑपरेट , मेन्टेन एवं ट्रांसफर के आधार पर गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना का विकास किये जाने के लिये इच्छुक 11 देशी-विदेशी कम्पनियों, जिसमें वेल्सपम इंटरप्राइजेस लिमिटेड, आईजेएम कारपोरेशन (मलेशिया),अडानी रोड ट्रांसपोर्ट लि,मोंटीकार्लो लि, गावर कंस्ट्रक्शन लि, पीएनसी इंफ्राटेक लि, प्रकाश असफाल्टिंग एंड टोल हाइवे इंडिया लि, ओरियेंट स्ट्रक्चरल इंजीनियर्स प्रा लि, अशोका बिल्डिकाल लि, इरकान इंटरनेशनल लि और दक्षिण कोरिया की कंपनी इंटोपिया कंस्ट्रक्शन प्रा लि के प्रस्ताव शामिल है।

594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे 12 जिलों की 30 तहसीलों से होकर गुजरेगा

बैठक में इच्छुक कम्पनियों से गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिये ई-टेण्डर पोर्टल पर प्रस्तुत ईओआई (Expression of Interest ) प्रस्तावों को डाउनलोड किया गया। उल्लेखनीय है कि गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना है और इसके निर्माण कार्य के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरु हो चुकी है। इस एक्सप्रेसवे की लम्बाई 594 किमी होगी और यह प्रदेश का सबसे लम्बा एक्सप्रेसवे होगा, जो कि मेरठ से शुरु होकर हापुड़, बुलन्दशहर, अमरोहा, सम्भल, बंदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज में समाप्त होगा। इसके निर्माण में देश ही नहीं विदेश की भी बड़ी सड़क निर्माण कम्पनियों द्वारा रुचि दिखाई जा रही है।

मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी ने निविदाकर्ताओं के समक्ष प्रसन्नता व्यक्त करते हुुए यह भरोसा दिलाया कि, यूपीडा द्वारा गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के शुरुआती दौर की प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करके एक्सप्रेसवे से संबंधित भूमि अधिग्रहण का कार्य शुरु करने की दिशा में और तीव्रता से कार्य किया जा रहा है।

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गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य इसी माह, जनवरी में शुरु हो चुका है। गंगा एक्सप्रेस-वे परियोजना 12 जिलों की 30 तहसीलों से होकर गुजर रहा है। बैठक में अपर मुख्य सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग,आलोक कुमार, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, श्रीशचन्द्र वर्मा सहित यूपीडा के सभी आला अधिकारी भी मौजूद थे।

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