उत्तर प्रदेश में जिला एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी का गठन, मुख्य सचिव ने दी जानकारी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी का गठन कर उन्हें क्रियाशील किया जा चुका है। सूबे के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी की अध्यक्षता में सम्पन्न ‘प्रगति’ की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में जगदीशपुर-अयोध्या सेक्शन के फोर लेन चौड़ीकरण, दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल काॅरीडोर, पीएम स्वनिधि, एक्सपोर्ट हब के रूप में जिलों को डेवलप किया जाना आदि बिन्दुओं की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि जगदीशपुर-अयोध्या सेक्शन (60 किमी) के फोर लेन चौड़ीकरण के लिये 52.0127 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता के सापेक्ष 48.0924 हेक्टेयर भूमि अवार्ड की जा चुकी है। 41.78087 हेक्टेअर भूमि पर कब्जा दिया जा चुका है। अयोध्या में 21.5563, अमेठी में 12.1145 तथा सुल्तानपुर जिले में 8.11007 हे0 भूमि पर कब्जा दिया जा चुका है।

अयोध्या में 37.10 करोड़ रुपये, अमेठी में 36.47 करोड़ ,सुल्तानपुर में 19.50 करोड़ रूपये का मुआवजा वितरण किया गया है। मुख्य सचिव ने अवशेष भूमि का कब्जा दो दिन में प्राप्त करने और सम्बन्धित किसानों को मुआवजे की धनराशि का वितरण प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिए।

दिल्ली-मुम्बई इंडस्ट्रियल काॅरीडोर के सम्बन्ध में बताया गया कि 747.5 एकड़ भूमि डीएमआईसी को ट्रांसफर की जा चुकी है। MMLH और MMTH के लिये 478.8387 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता के विरुद्ध 364.9420 हे0भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है। 26.0343 हे0 भूमि रेलवे द्वारा अधिग्रहीत की जाएगी। 87.8624 हे0भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को सब्मिट किया गया है।

जिलों का एक्शन प्लान तैयार

जिलों को एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने के सम्बन्ध में बैठक में बताया गया कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला एक्सपोर्ट प्रमोशन कमेटी का गठन और उन्हें क्रियाशील किया जा चुका है। सभी जिलों का एक्शन प्लान तैयार कर लिए गए हैं। 26 जिलों के एक्शन प्लान अनुमोदित भी किए जा चुके हैं और 30 नवम्बर तक शेष जिलों के एक्शन प्लान भी एप्रूव हो जायेंगे।

अमेजन और ई-बे से एमओयू साइन

बायर-सेलर मीट व प्रदर्शनी के आयोजन के सम्बन्ध में बताया गया कि वर्चुअल प्रदर्शनी का आयोजन किया जा चुका है। और माह नवम्बर, 2020 में भी बी-2-बी मीट प्रस्तावित है। बैठक में यह भी बताया गया कि एमएसएमई विभाग द्वारा भारत सरकार की सभी गाइडलाइन्स का पालन किया जा रहा है। प्रदेश के निर्यातकों को मार्केटिंग में सहयोग प्रदान करने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा अमेजन और ई-बे से एमओयू साइन किये गये हैं।

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