राजनीति से दूर नही रह सके भाजपा के पूर्व सांसद, बदल दिया पाला, करा ऐलान

नई दिल्ली: भाजपा के पूर्व सांसद बाबुल सुप्रियो ने राजनीति छोड़ने की घोषणा के एक महीने बाद शनिवार को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में आधिकारिक रूप से शामिल हो गए। सुप्रियो ने अगस्त के पहले सप्ताह में कहा था कि वह पद छोड़ने के बाद भी पश्चिम बंगाल के आसनसोल में संवैधानिक रूप से (सांसद के रूप में) काम करना जारी रखेंगे।

सुप्रियो ने बताया जब “मैंने अपने दिल से यह कहा था कि मैं राजनीति छोड़ दूंगा। हालांकि, मुझे लगा कि एक बहुत बड़ा अवसर मुझे (टीएमसी में शामिल होने पर) सौंपा गया था। मेरे सभी दोस्तों ने कहा कि राजनीति छोड़ने का मेरा फैसला गलत और भावनात्मक था।” “मुझे बहुत गर्व है कि मैं अपना फैसला बदल रहा हूं। मैं बंगाल की सेवा करने के महान अवसर के लिए वापस आ रहा हूं। मैं बहुत उत्साहित हूँ। मैं सोमवार को दीदी (सीएम ममता बनर्जी) से मिलूंगा। मैं गर्मजोशी से स्वागत से अभिभूत हूं।”

31 जुलाई को की थी घोषणा

31 जुलाई को बाबुल ने घोषणा की कि उन्होंने राजनीति छोड़ दी है और सांसद पद से भी इस्तीफा दे देंगे। एक फेसबुक पोस्ट में, उन्होंने कहा कि उनके और राज्य के भाजपा नेताओं के बीच मतभेद था और वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद “पार्टी को नुकसान पहुंचा रहे थे”।

जुलाई में फेरबदल में उन्हें हटा दिया था

सुप्रियो मोदी सरकार में मंत्री थे लेकिन जुलाई में फेरबदल में उन्हें हटा दिया गया था। सांसद ने कहा कि टीएमसी, कांग्रेस या माकपा ने उनसे संपर्क नहीं किया। भगवा पार्टी और राजनीति छोड़ने के पीछे के कारण के बारे में उन्होंने कहा: “अगर कोई यह पूछे कि क्या राजनीति छोड़ना किसी तरह से मंत्रालय खोने से जुड़ा है। हां तो यह कुछ हद तक सही है… विधानसभा चुनाव प्रचार के बाद से राज्य नेतृत्व के साथ भी मतभेद थे।”

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